नई दिल्ली। फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड के पूर्व प्रमोटरों मलविंदर सिंह और शिविंदर सिंह को मलेशिया स्थित आईएचएच हेल्थकेयर को फोर्टिस के शेयरों की बिक्री से संबंधित एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को छह महीने की जेल की सजा सुनाई। मुख्य न्यायाधीश उदय उमेश ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटरों को भी छह महीने की जेल की सजा सुनाई, जिन्हें पहले अवमानना का दोषी ठहराया गया था।

जापानी फर्म ने किया था केस  

शीर्ष अदालत ने फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड में शेयर बिक्री का फोरेंसिक ऑडिट करने का भी आदेश दिया। फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड के पूर्व प्रमोटरों को अदालती लड़ाई का सामना करना पड़ रहा था, जब एक जापानी फर्म दाइची सैंक्यो ने 3,600 करोड़ रुपये के मध्यस्थता राशि की वसूली के लिए फोर्टिस-आईएचएच शेयर सौदे को चुनौती दी थी, जिसे उसने सिंह बंधुओं के खिलाफ सिंगापुर ट्रिब्यूनल में जीता था।

आईएचएच-फोर्टिस सौदा दाइची और फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटरों के बीच कानूनी लड़ाई के कारण अटका हुआ है। 2018 में जब कुछ भारतीय ऋणदाताओं ने मलेशिया स्थित फर्म को फोर्टिस हेल्थकेयर के गिरवी रखे शेयर बेचे, तो दाइची ने अदालत में आरोप लगाया कि फोर्टिस के पूर्व प्रमोटरों ने उन्हें आश्वासन दिया था कि भारतीय अस्पताल श्रृंखला में उनके शेयर मध्यस्थ राशि का भुगतान हो जाएगा।  

फोर्टिस हेल्थकेयर ने कहा, निर्देशों का पालन करेंगे

फोर्टिस हेल्थकेयर ने एक बयान में कहा कि हम समझते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सुनवाई कुछ निर्देशों के साथ पूरी हो गई है और स्वत: संज्ञान के साथ शुरू की गई अवमानना की कार्रवाई समाप्त हो गई है। हम अदालत के निर्देशों का पालन करेंगे और भविष्य के कदम को लेकर कानूनी सलाह लेंगें। हम मरीजों की देखभाल करने के अपने मुख्य लक्ष्य को लेकर प्रतिबद्ध हैं और हम अपने हेल्थकेयर नेटवर्क को और विस्तृत व मजबूत बनाने के लिए रणनीतिक और ऑपरेशनल लक्ष्यों पर ध्यान देना जारी रखेंगे। हम आवश्यकता अनुसार अपने शेयरधारकों को सूचित करते रहेंगे। 

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