विशेष संवादाता, रायपुर
राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना अंतर्गत एक कलयुगी बेटे ने जन्म देने वाली बीमार बुज़ुर्ग मां का बेदर्दी से क़त्ल कर दिया। बिस्तर में बीते 6 माह से पड़ी बूढी मां का जब वो गाला दबा रहा था तो लागीर मां डैम घोटते बेटे से रहम की भीख मांगती रही। जिस मां ने उसे पाला-पोसा और बड़ा किया उस कलयुगी बेटे ने सिर्फ 6 माह ही बेमन से सेवा करके थक गया और पीछा छुड़ाने घातक कदम उठा लिया।

घटना 3 दिन पहले रायपुर के टिकरापारा इलाके में हुई थी। हालांकि तब इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी थी कि, बुजुर्ग महिला की मौत बीमारी से हुई या उसकी हत्या की गई है। मृतका शकुंतला के भतीजे प्रियेश चावड़ा ने पुलिस को खबर दी थी। उसने कहा कि बुआ पिछले 6 महीनों से कमर की हड्डी फ्रैक्चर हो जाने की वजह से वो बिस्तर पर ही भोजन करती थीं। वह शौचालय भी नहीं जा पाती थीं। इस वजह से बेटे जयेश जाधव पर मां की सेवा करने का जिम्मा था।दरअसल महिला के भतीजे ने थाने पहुंचकर संदेह जताते हुए पुलिस को मौत की जानकारी दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला 75 साल की शकुंतला जाधव लंबे वक्त से बीमार है और अचानक उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बुजुर्ग महिला की मौत के पीछे बेटे गोलू उर्फ जयेश जाधव पर शक भी जाहिर किया था।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुला राज

अब शुक्रवार को जब इस मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई तो बेटे की करतूत का खुलासा हो गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में एक्सपर्ट ने पाया कि, महिला की मौत गला घोंटे जाने की वजह से ही हुई थी। बेटे से जब पुलिस जानकारी लेना चाही तो वह अपना बयान लगातार बदल रहा था। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने कबूला कि, कपड़े से गला घोंटकर उसने मां की जान ली है।

बेटियां भेजती थीं मां के लिए खाना

शकुंतला की तीन बेटियां भी हैं। बेटियों के घर से मां के भोजन जाता था। रिश्तेदार भी बीच-बीच में हालचाल लेने घर आया करते थे।अक्सर जयेश का मां के साथ विवाद होता रहता था। इसी वजह से तंग आकर जयेश ने मां की जान ले ली। महिला के गले पर मौजूद निशान की वजह से परिजनों और पुलिस को शक हुआ और आखिरकार अब जयेश को टिकरापारा थाने की पुलिस गिरफ्तार कर लिया है।