मोटर बोट

0 अधिकारियों के अपहरण की उड़ गई थी अफवाह

बीजापुर। भैरमगढ़ ब्लॉक के अति संवेदनशील गांव उसपरी घाट से नक्सलियों ने नगर सेना की मोटर बोट को लूट लिया हैं। यह मोटर बोट स्वास्थ्य अमले व ग्रामीणों को नदी पार करा रही थी। इस घटना के बाद क्षेत्र में बोट के साथ अधिकारियों के अपहरण कर लिये जाने की खबर उड़ गयी थी, लेकिन एसपी ने अपहरण की घटना को सिरे से नकार दिया है।

कलेक्टर-एसपी के लौटने के बाद हुई वारदात

बताया जा रहा है कि प्रभावित गांव के हालातों का जायजा व गांवों तक मेडिकल टीम को भेजने के लिए रविवार को उसपरी गांव पहुंचे विधायक विक्रम मंडावी, कलेक्टर राजेन्द्र कटारा व एसपी आंजनेय वाष्र्णेय के वापस लौटने के बाद दोपहर करीब 2 बजे के दरमियान मेडिकल टीम को नदी पार करा रही नगर सेना की मोटरबोट को उसपरी घाट से नक्सलियों ने लूट लिया।

आधे घंटे तक सीखा बोट चलाना

हथियार बंद नक्सलियों ने मोटरबोट चालकों से पूछताछ करने के बाद बोट को अपने कब्जे लेकर आधे घण्टे तक मोटर बोट को चलाना सीखा, फिर नगर सेना के जवानों को उसपरी घाट लाकर छोड़ा और मोटर बोट अपने साथ लेकर चले गए।

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बता दें कि मितानिन, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य अमले सहित ग्रामीणों को इंद्रावती नदी पार कराने मोटरबोट वहां रखी गई थी। नक्सलियों ने मोटर बोट में सवार लोगों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया हैं।

अबूझमाड़ में गंभीर बीमारी का है प्रकोप

बीजापुर जिले के धुर नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ के गांव में गंभीर बीमारी से 39 ग्रामीणों की मौत की खबर सामने आयी थी। इस खबर के बाद मेडिकल टीम लगातार गांव में कैम्प कर बीमार ग्रामीणों का इलाज कर रही है। आज सुबह ही बीजापुर एसपी अंजनेय वैष्णव, कलेक्टर और क्षेत्रीय विधायक भी गांव में पीड़ित ग्रामीणों का हाल जानने पहुंचे थे।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोपहर के वक्त नक्सल प्रभावित गांव से अधिकारी और विधायक को इंद्रावती नदी के दूसरी तरफ छोड दिया गया था। इसके बाद दोबारा बोट को प्रभावित गांव में रूके मेडिकल टीम व दूसरे अफसरों को लाने के लिए रवाना कर दिया गया था। इसी दौरान शाम के वक्त नक्सली इंद्रावती नदी के किनारे पहुंचे। वे नगर सेना की मोटर बोट को लेकर फरार हो गये। जब ये बात मुख्यालय तक पहुंची तो प्रशासन के बीच हड़कंप मच गया।

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इस घटना के साथ ही कुछ लोगों ने मोटर बोट के साथ कुछ अफसरों के अपहरण की अफवाह उड़ा दी। मगर बीजापुर एसपी अंजनेय वैष्णव ने बताया कि किसी के अपहरण होने की पुष्टि नही हुई हैं। सभी लोग सुरक्षित हैं। मेडिकल टीम जिस क्षेत्र में जाकर काम कर रही हैं, वह काफी बीहड़ इलाका हैं। नेटवर्क नही होने के कारण उनसे संपर्क नही हो पा रहा हैं। वहीं कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने उम्मीद जताई है कि नक्सली सेवा कार्य में बाधा खड़ी नहीं करते हुए मोटरबोट लौटा देंगे।

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