जयपुर। एक सप्ताह पहले राजस्थान में पैदा हुए राजनीतिक हालात और कांग्रेस केअध्यक्ष पद की चुनाव की रेस से बाहर हुए राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने आज भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से ही विधायकों को खरीद फरोख्त कर कांग्रेस की एकजुटता को तोड़ने की कोशिश में लगी रहती है। उन्होंने कहा की भाजपा राजस्थान में कांग्रेस की सरकार को गिराने के लिए 10 करोड़ से अधिक में विधायकों को खरीदने की कोशिश की।


 गहलोत ने कहा है कि 50 साल के इतिहास में पहली बार कांग्रेस में ऐसी स्थिति पैदा हुई है ।  गहलोत ने कहा कि पार्टी के लिए 2 साल पहले गंभीर संकट आया था ।  उस समय जिन 102 विधायकों ने सरकार के साथ-साथ पार्टी की इज्जत बचाई थी उन सहयोगी विधायकों का विश्वास नहीं तोडूंगा । गहलोत ने कहा कि मैं अगर कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनता तो यह 102 विधायक के साथ नाइंसाफी होती ।

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तुष्टीकरण की राजनीति करती है भाजपा
आज गांधी जयंती पर अशोक गहलोत ने खुलकर मीडिया से बाचतीत की. गहलोत ने कहा कि कांग्रेस के लिए आगामी विधानसभा चुनाव जीतना जरूरी है । राजस्थान के विधानसभा चुनाव का देशभर में पार्टी के लिए खास महत्व है । इस दौरान सीएम गहलोत ने बीजेपी पर भी हमला बोला । उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी तुष्टीकरण की राजनीति और देश में विभाजन का माहौल पैदा कर रही है ।


जयपुर में जमकर मचा था राजनीतिक बवाल
गौरतलब है कि बीते 25 सितंबर को राजस्थान में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी । इस बैठक में शामिल होने के लिए पार्टी आलाकमान ने मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रदेश प्रभारी अजय माकन को भेजा था । लेकिन गहलोत खेमे के विधायक सीएम बदले जाने के प्रस्ताव की आशंका के कारण इस बैठक में नहीं पहुंचे. वे सभी गहलोत के करीब मंत्री शांति धारीवाल के बंगले जुटे थे । वहां उन्होंने बैठक कर सामूहिक रूप से विधानसभा अध्यक्ष को अपने इस्तीफे सौंप दिए थे । इस मामले को लेकर जयपुर में खासा राजनीतिक बवाल मचा था और कांग्रेस की देशभर में जमकर किरकिरी हुई थी ।

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