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0 शमी इमाम
कोरबा। पूर्व कलेक्टर रानू साहू के बाद अब यहां के कलेक्टर संजीव झा भी राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के गुस्से का शिकार हो गए हैं। मामला शहर से लगे बरबसपुर में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर का है, जिसे जिला प्रशासन द्वारा कहीं और बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इससे नाराज जयसिंह अग्रवाल ने कलेक्टर को मौके पर तलब किया मगर छुट्टी का बहाना बनाकर वे नहीं आये।

ये है मामला…

कोरबा-चांपा मार्ग पर स्थित बरबसपुर बस्ती से लगे हुए भूभाग पर नया ट्रांसपोर्ट नगर बनाने का प्रस्ताव कई सालों से लंबित है। हालांकि इन वर्षों में प्रस्ताव पारित करके पिछले वर्ष ट्रांसपोर्ट नगर बनाने का टेंडर भी जारी कर दिया गया था। प्रदेश सरकार की ओर से यहां का लैंड यूज भी बदला गया है। प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके पहले कलेक्टर को जमीन आबंटन को लेकर पुन: आबंटन पत्र देना है। पूर्व कलेक्टर रानू साहू ने पुन: आबंटन की फाइल को रोक दिया। वर्तमान कलेक्टर ने भी इसकी मंजूरी नहीं दी है। इस बीच प्रशासन की ओर से नया ट्रांसपोर्ट नगर के लिए झगरहा की भूमि को प्रस्तावित किया है। इसे लेकर बवाल मचा हुआ है।

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इसकी जानकारी मिलने पर शहर विधायक और प्रदेश के राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने पत्र भेजकर कलेक्टर संजीव झा सहित अन्य सम्बंधित अधिकारियों को बरबसपुर में आने को कहा। यहां अपर कलेक्टर, SDM, तहसीलदार साहिर पूरा राजस्व अमला पहुंचा मगर कलेक्टर नहीं आये।

मौके से मुख्य सचिव को लगाया फोन

कलेक्टर के नहीं आने से नाराज मंत्री ने वजह जानना चाहा तो अपर कलेक्टर विजेन्द्र पाटले ने बताया कि सर छुट्टी पर हैं। तब मंत्री ने इसे बहानेबाजी मानते हुए सीधे मुख्य सचिव अमिताभ जैन को फोन लगाकर पूछा। जवाब आया कि कलेक्टर संजीव झा ने CS से छुट्टी की अनुमति ही नहीं ली है। इस दौरान जयसिंह ने प्रशासन पर टीपी नगर के लिए प्रस्तावित स्थान पर अड़ंगा डालने का आरोप भी लगाया।

पहले गलती हुई या अब..?

ट्रांसपोर्ट नगर के स्थान परिवर्तन को लेकर मंत्री अग्रवाल ने तहसीलदार मुकेश देवांगन से पूछा कि बरबसपुर में नया ट्रांसपोर्ट नगर क्यों नहीं बन सकता है? इस पर देवागंन ने कहा कि बरबसपुर मसाहती (बिना नक़्शे का) गांव है। यहां पर विवाद की समस्या आ सकती है। यह सुनते ही मंत्री नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि जिस स्थान को कोरबा के मास्टर प्लान में नया ट्रांसपोर्ट नगर के लिए चयन किया गया। सांसद, विधायक, कलेक्टर और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने चुना है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की ओर से एनओसी जारी की गई है। सरकार ने जमीन का आबंटन निगम को किया है। इसके जगह को लेकर अब क्या विवाद है? मंत्री ने पूछा कि जो कार्रवाई पहले हुई वो गलत थी या अभी जो हुई है ये गलत है।

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सरकारी जमीन कैसे निजी हो गई..?

इस बीच तहसीलदार देवांगन ने यह कह दिया कि यहां पर अधिकतर निजी जमीन हैं। यह सुनकर मंंत्री बिफर गए। कहा कि निगम को आबंटित जमीन कैसे निजी लोगों के नाम पर चढ़ा दी गई है। उन्होंने अफसर को कड़ी फटकार लगाई। चेताया कि ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। दोषियों को निलंबित किया जाएगा। उनके खिलाफ केस भी दर्ज कराया जाएगा।

अफसरों को सुनाई खरी-खोटी

मंत्री जयसिंह यहीं नहीं रूके, उन्होंने कहा कि अफसर अपने मूल काम से भटक गए हैं। कोरबा में किसी की मनमानी नहीं चलेगी, “ट्रांसपोर्ट नगर बसबसपुर से शिफ्ट नहीं होगा बल्कि कलेक्टर शिफ्ट होंगे”। उन्होंने यह सवाल भी किया कि कलेक्टर ने अपने 5 माह के कार्यकाल में क्या काम किया ? उन्होंने कलेक्टर पर अन्य आरोप भी लगाए। जयसिंह ने प्रस्तावित स्थल को बिजली कारखाने की राख से पाटे जाने पर भी नाराजगी जताई।
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