JINDAL VIRODH

0 तगड़ी सुरक्षा के बीच रखी गई सुनवाई

रायगढ़। जिंदल स्टील एंड पॉवर समूह की कंपनी जिंदल पैंथर सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित एकीकृत सीमेंट संयंत्र परियोजना और पावर प्लांट के लिए कोसमपाली में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने सीमेंट प्लांट के विस्तार और पावर प्लांट का जमकर विरोध किया। वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने समर्थन भी किया मगर समर्थन प्रायोजित नजर आया।

रायगढ़ जिले के ग्राम कोसमपाली में कंपनी जिंदल पैंथर सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड का 2.5 मिलियन टन का सीमेंट प्लांट संचालित है। इसका विस्तार करते हुए 3 मिलियन टन उत्पादन और बढ़ाने का प्रस्ताव है। वहीं 12 मेगावाट बिजली पैदा करने का भी प्रस्ताव है। जिंदल स्टील एंड पॉवर समूह की कंपनी जिंदल पैंथर सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा रायगढ़ तहसील के ग्राम कोसमपाली, बरमुडा, धनागर एवं सराईपाली में प्रस्तावित एकीकृत सीमेंट संयंत्र परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए जनसुनवाई का आवेदन छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल में दिया गया था। इसी के मद्देनजर जनसुनवाई का गांव से 2 किलोमीटर दूर आयोजन किया गया। सुबह 11 बजे से जनसुनवाई शुरू हुई। इसमें आसपास के सभी गांवों के ग्रामीण और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात कर जनसुनवाई स्थल को छावनी में तब्दील कर दिया गया था, वहीं तगड़ी घेरेबंदी भी की गई थी।

आप ने किया धरना प्रदर्शन

इस जनसुनवाई के मौके पर आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्त्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और स्थल पर धरना देकर सुनवाई को स्थगित करने की मांग करते रहे। जनसंगठन जन चेतना के राजेश त्रिपाठी के अलावा राधेश्याम शर्मा और अन्य कई संगठनों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्लांट के विस्तार का विरोध किया। ग्रामीणों ने प्लांट से होने वाले प्रदूषण और और इससे हो रहे नुकसान का जिक्र करते हुए सीमेंट और पावर प्लांट का विरोध किया।

नदारद रहे प्रमुख दलों के नेता

गौर करने वाली बात यह रही कि इस जनसुनवाई से प्रमुख दलों के नेता और निर्वाचित सांसद और विधायक भी नदारद रहे। सुनवाई स्थल पर यह चर्चा का विषय बना रहा।

फर्जी EIA रिपोर्ट बनाने का आरोप

जन चेतना के राजेश त्रिपाठी ने प्लांट का विरोध करते हुए लिखित में तकनिकी ढंग से अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि कंपनी द्वारा जो ईआईए नोटिफिकेशन बनाया गया है, इसमें परियोजना के प्रभावित क्षेत्र के 10 किलोमीटर क्षेत्र में पड़ने वाले गांवों का अध्ययन नहीं किया गया है, जिसमें आगनबाडी में पढ़ने वाले बच्चे, प्राइमरी स्कूल और मिडिल स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे एवं क्षेत्र में पढ़ने वाले बच्चों पर जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण का होने वाले दुष्प्रभाव का किसी भी प्रकार का अध्ययन नहीं किया गया है, यह ईआईए नोटिफिकेशन रिपोर्ट पूर्ण रूप से फर्जी है, इस ईआईए नोटिफिकेशन का राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन पहले जांच करवाएं, इसके बाद जनसुनवाई की प्रक्रिया का विधि सम्मत पालन करें।

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राजेश त्रिपाठी द्वारा यह भी उल्लेख किया गया है कि मैसर्स जिंदल पैंथर सीमेंट प्लांट कंपनी द्वारा भूजल दोहन पूर्व से किया जा रहा है, जिसके कारण आसपास के क्षेत्रों में जल स्तर दिन पर दिन गिर रहा है, जिसकी वजह से आसपास के क्षेत्र में जो गांव हैं, वहां जल संकट पैदा हो गया है। प्लांट के विस्तार और पावर प्लांट से यहां गंभीर जल संकट पैदा हो जायेगा।

इससे पहले जिंदल पैंथर सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कंसलटेंट ने परियोजना के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि किस तरह इसके पूर्ण होने से औद्योगिक विकास और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने परियोजना के फायदों के बारे में ग्रामीणों को पूरी जानकारी दी।

वहीं प्रबंधन द्वारा इस सुनवाई के संबंध में बयान जारी करते हुए कहा गया है कि ग्रामीणों ने परियोजना का अभूतपूर्व समर्थन किया। हजारों की संख्या में उमड़े लोगों ने विश्वास जताया कि इस परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी और यह प्रोजेक्ट रायगढ़ ही नहीं, छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

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