MAHANADI BHAVAN

रायपुर। छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों की माली हालत खराब हो चली है। आलम यह है कि निकायों पर करोड़ों का बिजली बिल बकाया है। इसे देखते हुए प्रदेश के 166 नगरीय निकायों के लंबित बिजली बिल के भुगतान के लिए सरकार ने पहल की है, और करीब दो सौ करोड़ जारी किए हैं। सभी निकायों को बिल भुगतान कर पालन प्रतिवेदन भेजने के लिए कहा गया है।

केंद्र से रियायत बंद होने का खतरा

प्रदेश के सरकारी विभागों का ही अरबों का बिजली बिल बकाया है। राज्य पावर कंपनी ने बकाया बिल के भुगतान के लिए कई बार पत्र लिखा। साथ ही यह भी उल्लेखित किया कि केन्द्र सरकार से मिलने वाली रियायतें भी बंद हो सकती है।

बतायाजा रहा है कि लगभग सभी नगरीय निकायों की माली हालत खराब है। ऐसे में ज्यादातर निकाय बिल अदा करने की स्थिति में नहीं हैं। ये निकाय अपने कर्मचारियों को भी समय पर वेतन नहीं दे पाती हैं। वेतन के लिए सरकार पर निर्भर रहना पड़ता है। पावर कंपनी के पत्र के बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने बिजली बिल भुगतान के लिए 2 सौ करोड़ जारी किए हैं।

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प्रमुख निकायों के ऊपर भारी-भरकम बकाया

सबसे ज्यादा रायपुर नगर निगम के बिल का करीब 40 करोड़ 85 लाख बकाया है। इसके अलावा 3 करोड़ 89 लाख बीरगांव, दुर्ग नगर निगम को 10 करोड़ 86 लाख, भिलाई नगर निगम को 20 करोड़ 89 लाख, और बिलासपुर निगम पर 20 करोड़ 10 लाख का बिल बकाया है। इन सभी निगमों को राशि जारी करने के बाद बिल का भुगतान कर पालन प्रतिवेदन भेजने के लिए कहा गया है।

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