नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई आत्मनिर्भर भारत योजना ने बहुंत ही कम समय में कई चुनौतियों को स्वीकार कर सफलता की नई ऊंचाइयों को छुआ है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आत्मनिर्भर नए भारत में हिंसा और वामपंथी उग्रवादी विचार की कोई जगह नहीं है और सरकार ने इस दिशा में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है।  शाह ने वामपंथी उग्रवाद पर गृह मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय की वामपंथी उग्रवाद से निपटने के लिए बनाई गई नीति के तीन प्रमुख स्तम्भ हैं- उग्रवादी हिंसा पर पूरी शक्ति के साथ लगाम कसना, केंद्र-राज्य के बीच बेहतर समन्वय और विकास से जन-भागीदारी के माध्यम से वामपंथी उग्रवाद के प्रति समर्थन खत्म करना।


गृह मंत्री ने कहा कि इस त्रि-सूत्रीय रणनीति से पिछले आठ वर्षो में वामपंथी उग्रवाद पर लगाम कसने में ऐतिहासिक सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों ने नये-नये तरीकों से नक्सलियों को घेरा है और इसी नीति के तहत पिछले वर्ष फरवरी में झारखण्ड के लोहदरगा जिले में नव स्थापित सुरक्षा कैम्पों के माध्यम से 13-दिवसीय संयुक्त अभियान को कई सफलतायें मिलीं। शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय वामपंथी उग्रवादियों की वित्तीय घेराबंदी कर इनके इकोसिस्टम को पूरी तरह ध्वस्त करने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि वामपंथी उग्रवाद-प्रभावित क्षेत्रों में ऑपरेशन में मदद और हमारे जवानों की जान बचाने के लिए बीएसएफ एयरविंग को सशक्त किया गया है, जिसके लिए पिछले एक वर्ष में नए पायलट और इंजिनियरों की नियुक्ति हुई है।

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केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ने किसी भी दल और विचारधारा के भेदभाव के बिना वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों के साथ समन्वय बेहतर करने के लिए अनेक सफल प्रयास किये हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित राज्यों को बिना भेदभाव के पुलिस बलों के आधुनिकीकरण, फोर्टिफाइड पुलिस स्टेशन निर्माण आदि के लिए सभी संसाधन उपलब्ध करवा रही है।


 शाह ने कहा कि सुरक्षा के साथ ही वामपंथी उग्रवाद-प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित विकास सरकार की नीति का मुख्य लक्ष्य है और सरकार इन क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए कई कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार की महत्वपूर्ण योज़नाओं के साथ ही कई विशिष्ट योज़नाएं लागू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सड़क सम्पर्क को बेहतर करने के लिये 17462 किलोमीटर सड़कों की स्वीकृति दी गयी है जिसमे से करीब 11811 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है।


केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जनजाति बहुल खंडों में एकलव्य स्कूल खोलने को अगस्त-2019 से प्राथमिकता में रखा गया है और इससे पहले, 21 साल की अवधि के दौरान, स्वीकृत 142 की तुलना में 2019 के बाद पिछले 3 वर्षों के दौरान ही 103 एकलव्य स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक, वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित 90 जिलों में 245 एकलव्य स्कूल को स्वीकृति दी गई है और इनमें से 121 कार्यरत हैं।

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बैठक में गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, अजय कुमार मिश्रा और निशिथ प्रमाणिक, समिति में शामिल संसद के दोनों सदनों के सदस्य, केन्द्रीय गृह सचिव, सीमा सुरक्षा बल और केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल के महानिदेशक और गृह मंत्रालय तथा संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।