छत्तीसगढ़। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मरौदा स्टेशन को रिमोडलिंग एवं विधुतीकरण का कार्य के लिए मरौदा में नॉन इंटरकनेक्टिविटी का कार्य किया जायेगा। इस कार्य में किसी भी यात्री ट्रेन को कैंसिल, रेग्युलेटिंग, रिशिड्यूलिंग , शॉर्ट टर्मिनेटिंग, या डाइवर्सिंग नही किया जा रहा है। पहली बार बिना किसी ट्रेन को कैंसिल किए ही ये सारे कार्य किए जाएंगे। दल्लीराजहरा-दुर्ग लाइन परियोजना दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की महत्वपूर्ण परियोजना है जिससे भविष्य में यात्री सुविधाओं में वृद्धि होगी।

87 किलोमीटर है दल्लीराजहरा-दुर्ग रेलमार्ग की लंबाई

दल्लीराजहरा-दुर्ग रेल मार्ग दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की एक महत्वपूर्ण और व्यस्त रेल मार्ग है। परिचालन को और भी सुचारू और नई गाडियों के मार्ग प्रशस्त करने के लिए नई लाइनों का निर्माण कार्य किया जा रहा है । विकास के साथ नई यात्री सुविधाओं में वृद्धि के साथ यात्री ट्रेनों भी प्रभावित नहीं होगी। दल्लीराजहरा से दुर्ग लाइन का कार्य किया जा रहा है। दल्लीराजहरा-दुर्ग रेलमार्ग की लंबाई 87 किलोमीटर है। दल्लीराजहरा-दुर्ग लाइन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की महत्वपूर्ण लाइन है, जो मध्य भारत के इस क्षेत्र को उत्तर भारत से जोड़ने के लिए सेतु का कार्य करती हैं। इसके विभिन्न स्टेशनों को आधुनिकीकरण और चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।

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नान-इंटरलाकिंग का कार्य 16 से 21 फरवरी तक

इस कार्य को तीव्र गति से पूरा करने के लिए मंडल के मरौदा स्टेशन को रिमोडलिंग एवं विधुतीकरण का कार्य के लिए नान-इंटरलाकिंग का कार्य 16 से 21 फरवरी तक किया जाएगा । इस कार्य के सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें किसी भी यात्री ट्रेन को कैंसिल, रेगुलेशन, रिशेड्यूलिंग , शॉर्ट टर्मिनेटिंग, डाइवर्जिंग नहीं किया जाएगा। इसके तहत नान-इंटरलाकिंग कार्य को 5 दिनों में किया जाएगा।