नई दिल्ली। नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) विधान परिषद सदस्य के. कविता ने कहा कि हमने 2 मार्च को भूख हड़ताल का पोस्टर रिलीज किया और 10 मार्च को दिल्ली में हम धरना देने वाले हैं, तो हमें ईडी डायरेक्टरेट ने नोटिस दिया कि हमें 9 मार्च को ईडी के सामने पेश होना है। तो हमने ईडी से निवेदन किया हमारा एक कार्यक्रम था हम 16 मार्च को आएंगे लेकिन पता नहीं ईडी को ऐसी क्या जल्दबाजी है, जो जांच पड़ताल दिल्ली एक्साइज पॉलिसी को लेकर चल रही है तो इसमें कौन सी आफत आ जाएगी अगर हमें 2 दिन का समय हमारे कार्यक्रम के लिए दे देंगे।


कविता ने बताया कि ईडी ने कहा कि हमें 10 मार्च को ही आना है तो हमने कहा कि 10 मार्च को हमारा धरना है हम 11 मार्च को आ जाएंगे तो अब मैं 11 मार्च को ईडी के सामने उपस्थित हो जाऊंगी, और हम पूछताछ में ईडी का पूरा सहयोग करने के लिए तैयार है। तो इस बीच में हमारा और ईडी का जो वार्तालाप हुआ है वह मैं आप सबके साथ साझा करना चाहती हूं। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब भी ईडी या कोई भी जांच एजेंसी किसी महिला से पूछताछ करना चाहती है एक फंडामेंटल राइट महिला का होता है कि महिला के घर पर आकर महिला से पूछताछ करें।

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आगे कविता ने कहा कि हमने आईडी से निवेदन किया अगर आपको पूछताछ करना है तो 11 तारीख को हमारे घर पर आ जाइए आपको जो भी पूछताछ जांच पड़ताल करनी है, हम आपका पूरा सहयोग करेंगे अगर किसी भी आरोपी के साथ आपको पूछताछ करवानी है तो उनको भी लेकर आ जाइए। हम ईडी की पूछताछ और जांच पड़ताल में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं।

लेकिन उन्होंने कहा नहीं आपको खुद चलकर आना होगा। मैं तो एक राजनेता हूं साधन है मैं पूछताछ के लिए पहुंच सकती हूं। लेकिन दूर कहीं गांव में कोई महिला है और उससे पूछताछ की जानी है तो क्या उससे पूछताछ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नहीं हो सकती। कोरोना के समय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा दवाई दी जा सकती है, डायग्नोज किया जा सकता है तो पूछताछ क्यों नहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा हो सकती।