टीआरपी डेस्क। केंद्र सरकार ने पान मसाला, सिगरेट और तंबाकू के अन्य उत्पादों पर जीएसटी कंपनसेशन सेस की अधिकतम सीमा को तय कर दिया है। साथ ही इसे अधिकम खुदरा मूल्य से जोड़ दिया है।

बता दें कि सेस की अधिकतम दर फाइनेंस बिल 2023 में लाए गए संशोधनों के तहत हुआ है, जिसे लोकसभा में शुक्रवार को पास किया गया है। इस संशोधन के अनुसार अब पान मसाला पर अधिकतम जीएसटी कंपनसेशन सेस खुदरा बाजार मूल्य का 51 प्रतिशत होगा। मौजूदा समय में सेस यथामूल्य पर 135 प्रतिशत लगाया जाता है।

सरकार की ओर से तंबाकू की कीमत 4170 रुपये प्रति हजार स्टिक और 290 प्रतिशत यथामूल्य या प्रति यूनिट खुदरा बिक्री मूल्य का 100 प्रतिशत तय की गई है। बता दें, सेस 28 प्रतिशत की उच्चतम वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दर के तहत आने वाली वस्तुओं पर अतिरिक्त लगाया जाता है।

फाइनेंस बिल 2023 में संशोधन के माध्यम से लाए गए जीएसटी कंपनसेशन सेस एक्ट की शेड्यूल -1 में पान मसाला, सिगरेट और तंबाकू के अन्य उत्पादों पर लगने वाले सेस की अधिकतम सीमा तय कर दी गई है।

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इस साल फरवरी में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली और राज्यों के समकक्षों वाली जीएसटी काउंसिल ने पान मसाला और गुटखा व्यवसायों में कर चोरी को रोकने के लिए राज्य के वित्त मंत्रियों के एक पैनल की रिपोर्ट को मंजूरी दी थी। बता दें कि राज्य के वित्त मंत्रियों ने सिफारिश की थी कि राजस्व बढ़ाने के पहले चरण में पान मसाला और चबाने वाले तंबाकू उत्पादों पर कंपनसेशन सेस यथामूल्य के हटाकर एक विशिष्ट दर से लिया जाना चाहिए।

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