टीआरपी डेस्क। बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉक्टर एस सिद्धार्थ बिना तामझाम के रहना पसंद करते हैं। वह अपनी सादगी और व्यवहार के लिए जाने जाते हैं। कभी वह आम लोगों की तरह सड़क पर गोलगप्पे खाते तो कभी सब्जी मंडी में सब्जी खरीदते नजर आते हैं।

IAS अधिकारी डॉक्टर एस सिद्धार्थ पिछले दिनों चर्चा में थे। वह आमलोगों की तरह रिक्शे में घूमते और रिक्शे वाले से बात करते नजर आए थे। गया में कचौड़ी जलेबी खाते मग से हाथ के सहारे पानी पीते और चाय की चुस्की लेते नजर आए थे।

आम तौर पर आईएएस अधिकारी उसमें भी जो कैबिनेट रेंक के अधिकारी होते हैं उनका बड़ा रूतबा होता है। ये अधिकारी कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों से घिरे काफिले में चलते हैं। लेकिन डॉक्टर एस सिद्धार्थ इनसे अलग अपनी सादगी और सदव्यवहार से लोगों को आकर्षित करते हैं। वह बिना तामझाम के रहना पसंद करते हैं।

बिहार के सबसे पॉवरफुल आईएएस अधिकारी में से एक बिहार कैडर के 1991 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. एस. सिद्धार्थ बिहार के सीएम नीतीश कुमार के प्रधान सचिव हैं। वह बिहार के वित्त और मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के भी अपर मुख्य सचिव के पद पर पदस्थापित हैं। अब उनके साथ एक और उपलब्धि जुड़ गया है। उन्हें हवाई जहाज उड़ाने का फ्लाइंग लाइसेंस मिला है।

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डॉ. एस. सिद्धार्थ बिहार झारखंड में पदस्थापित पहले IAS अधिकारी हैं जिन्होंने यह उपलब्धि पाई है। एस. सिद्धार्थ बिहार सरकार में सेवा देते हुए और कई महत्वपू्र्ण जिम्मेदारियों को निभाते हुए फ्लाइंग की ट्रेनिंग ले रहे थे जो अब पूरी हो गई है। इसके बाद उन्हें सर्टिफिकेट दिया गया है। फ्लाइंग लाइसेंस मिलने के बाद डॉ. एस. सिद्धार्थ ने कहा कि उनका बचपन का सपना पायलट बनने का था। उनका यह सपना पूरा हो गया। बचपन में जब वह खिलौने वाले एरोप्लेन बड़ी उम्मीद के साथ देखते थे कि यह उड़ेगा। तब मुझे पायलट बनने का शौक हुआ था। अब जब मुझे फ्लाइंग लाइसेंस मिला है तब लगा कि मेरे बचपन का सपना पूरा हो गया।

मल्टीपर्पस रोबोट बना रहे हैं डॉ. सिद्धार्थ

IIT दिल्ली से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग और सूचना प्रौद्योगिकी में डॉक्टरेट की डिग्री पाने वाले बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉ एस सिद्धार्थ आंतरिक नियंत्रण वाला मल्टीपर्पस रोबोट बनाने के काम में लगे हैं। इसके बारे में वह कहते हैं कि यह रोबोट प्रोग्रामिंग के हिसाब से काम करता है और जहां जैसी जरूरत है उसके हिसाब से इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। डॉ. एस सिद्धार्थ की पत्नी भी एक आइएएस अधिकारी हैं और भारत सरकार के कृषि मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर काम कर रही हैं।

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