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रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी कॉउंसिल के 6 सदस्यों के चुनाव में पहली बार मैदान में उतरे दवा व्यवसाईयों के संगठन CCDA ने सभी सीटों पर कब्ज़ा कर लिया है। अब अध्यक्ष सहित कुल 3 पदों के लिए चुनाव होगा, जिसमें सरकार द्वारा मनोनीत और पदेन सदस्य भी हिस्सा लेंगे।

फार्मेसी कॉउंसिल के चुनाव की प्रक्रिया एक माह तक चली और इसमें डाक मतपत्र के जरिये सदस्यों ने हिस्सा लिया। 6 सदस्यों के निर्वाचन में कुल 29 प्रत्याशी मैदान में थे। फार्मेसी कौंसिल में अब तक फार्मासिस्ट कॉउंसिल ऑफ़ इंडिया का दबदबा रहा है। इस संगठन में अमूमन फार्मेसी से जुड़े शासकीय कर्मचारी, MR और अन्य लोग शामिल हैं। मगर इस बार फार्मासिस्ट दवा विक्रेताओं के संगठन CCDA ने मैदान में अपने 6 प्रत्याशी उतारे। इन सभी प्रत्याशियों को सर्वाधिक मत मिले और ये सभी विजेता घोषित किये गए।

वोट नहीं कर सके 10 हजार मतदाता

इस चुनाव में 23000 मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना था, जिसमे से लगभग 13400 मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया। CCDA के अध्यक्ष उमेश सिरोठिया ने बताया कि प्रदेश भर में अधिकांश सदस्यों को डाक मतपत्र नहीं मिल सके जिसकी वजह से वे मतदान में हिस्सा नहीं ले सके। इस चुनाव में जितने वाले प्रत्याशियों में कोरबा से हितानंद अग्रवाल, रायपुर से संदीप बजाज, अरुण शर्मा, डॉ आनंद महलवार, बिलासपुर से भगत राम शर्मा, धमतरी से निकेश देवांगन को निर्वाचित घोषित किया गया। CCDA की जीत पर अध्यक्ष उमेश सिरोठिया, दिव्यानंद अग्रवाल ने सभी को बधाई दी |

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तीखी नोंकझोंक के बीच हुई मतगणना

छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी कॉउंसिल के लिए मतगणना रायपुर सिंधु भवन में सुबह 8 बजे से प्रारंभ हुई जो देर रात 12 बजे तक चली, इस दौरान अनेक बार माहौल गर्म भी हुआ और प्रत्याशियों के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई, वही देर रात निर्वाचन अधिकारी डॉ सुरेंद्र पामभोई ने सभी निर्वाचित प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र दिया। CCDA पैनल के अलावा एकता पैनल, आइपीए पैनल, एबीपी पैनल सहित कुल 29 प्रत्याशी मैदान में थे।

नए रजिस्ट्रार भी थे चुनाव मैदान में

छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी कॉउंसिल पिछले कुछ महीनों से फर्जी प्रमाणपत्र का मामला उजागर होने के चलते चर्चा में रहा है। तब शासन ने इस संस्था के रजिस्ट्रार श्रीकांत राजिमवाले को हटाते हुए शेखर वर्मा को रजिस्ट्रार नियुक्त किया है। पिछले महीने हुई इस नियुक्ति के बावजूद शेखर वर्मा ने चार्ज नहीं लिया है। निर्वाचन अधिकारी डॉ सुरेंद्र पामभोई ने बताया कि चूंकि शेखर वर्मा भी कौंसिल के चुनाव में प्रत्याशी थे, इसलिए उन्हें चुनाव के बाद ही रजिस्ट्रार का चार्ज लेने की सलाह दी गई थी।

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अब अध्यक्ष पद के लिए जुगत

डॉ पामभोई ने TRP न्यूज़ को बताया कि इस चुनाव के बाद शासन की ओर से 5 सदस्य मनोनीत किये जायेंगे। इसके अलावा 4 अधिकारी पदेन सदस्य होंगे। नए रजिस्ट्रार के चार्ज लेने के बाद जब भी सदस्यों का मनोनयन होगा तब अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और फार्मेसी कौंसिल ऑफ इंडिया के लिए एक सदस्य का चयन होगा और इसमें सभी सदस्य हिस्सा लेंगे।

CCDA के अध्यक्ष उमेश सिरोठिया ने बताया कि अक्सर फार्मेसी कौंसिल में दवा विक्रेताओं की समस्याओं अथवा सुविधाओं की तरफ ध्यान नहीं दिया जाता था, इसलिए इस बार उनके अपने संगठन ने मैदान में उतरने की ठानी और पहली बार में ही सारे सदस्य इस संगठन से ही चुनकर आये हैं। इस चुनाव में स्वाभाविक है कि CCDA अपने चुने हुए सदस्यों को ही इन पदों पर निर्वाचन के लिए प्रयास करेगा, मगर सरकार जिन्हे मनोनीत सदस्य बनाएगी और अधिकारी पदेन होंगे। इनमें से मनोनीत सदस्य भी चुनाव लड़ सकेंगे। इन सभी का वोट महत्वपूर्ण और निर्णायक होगा। हालांकि इस चुनाव के लिए अभी काफी वक्त लग सकता है। संभव है कि कुछ महीने भी लग जाएं। फ़िलहाल कौंसिल की बैठकों में रजिस्ट्रार और निर्वाचित सदस्य शामिल होंगे।

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