रायपुर। केंद्रीय खाद्य मंत्री एवं सीएमडी भारतीय खाद्य निगम पीयूष गोयल ने कुरूद जिला धमतरी छत्तीसगढ़ के राइस मिलर्स एसोसिएशन के खत पर संज्ञान लिया है। इस मामले में उन्होंने 3 जून 2023 को ईडी के निर्देशक एवं सीबीआई के निर्देशक को ईमेल कर इस मामले में उच्च स्तरीय जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि छत्तीसगढ़ राइस मिल एशोसिएशन के लेटर हेड पर छत्तीसगढ़ राईस मिलर्स एसो. के कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर ने शिकायत में उल्लेख किया था कि वे धमतरी जिले के राईस मिलर भी हैं, जहां वर्तमान में FCI में 29 मीट्रिक टन चावल एक्सेप्ट करने के एवज में प्रति लॉट 7500 रूपये की रिश्वत ली जा रही है। पहले इसके एवज में 6000 रूपये लिए जाते थे। प्रदेश के सभी जिलों में राईस मिलर्स से इस तरह की वसूली की जाती है और नीचे से लेकर ऊपर तक इसकी बंदरबांट की जाती है। इतना ही नहीं FCI के अधिकारी यहां एकत्र रकम का हिस्सा मंत्री तक पहुँचाने की भी बात कहते हैं।

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अब राइस मिलर छत्तीसगढ़ ने रोशन चंद्राकर को ही आरोपी बताते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को ईमेल किया है। बता दें कि यह ईमेल [email protected] की मेल आईडी से भेजा गया है। भेजने वाले ने खुद को भाजपा का नेता बताते हुए कहा है कि…

मैं छत्तीसगढ़ का एक राइस मिलर हूं और एक सक्रिय भाजपा कार्यकर्ता हूं। हम लंबे समय से छत्तीसगढ़ में काम कर रहे हैं। रोशन चंद्राकर ने 26.05.23 को छत्तीसगढ़ में एफसीआई से संबंधित भ्रष्टाचार के संबंध में एसोसिएशन के लेटर पैड का अवैध रूप से उपयोग करने की शिकायत की।

इस संबंध में आपके संज्ञान में है कि रोशन चंद्राकर एक दलाल है जो छत्तीसगढ़ के मिलरों से अपना काम कराने के लिए मार्कफेड और एनएएन छत्तीसगढ़ से पैसे ले रहा है। उसने कई तरह से मनी लॉन्ड्रिंग करके अकूत संपत्ति बनाई है। वह पहले मैकेनिक था और ब्लैकमेलिंग व दलाई के जरिए सैकड़ों करोड़ की संपत्ति बना चुका है। उनकी पत्नी के नाम पर काफी जमीन है।

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उन्होंने 120 रुपये मिलिंग चार्ज जारी करने के लिए छत्तीसगढ़ के प्रत्येक मिलर से 20 रुपये प्रति क्विटल एकत्र किया है, जो मुख्यमंत्री के नाम पर मार्कफेड द्वारा प्रोत्साहन के रूप में भुगतान किया जाना है। रोशन चंद्रा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय में कई शिकायतें लंबित हैं लेकिन अपने स्थानीय राजनीतिक प्रभाव के कारण वह अभी भी खुला घूम रहा है।

दिनांक 26.05.23 की शिकायत रोशन चंद्राकर द्वारा अपने स्वयं के ईडी मामले से ध्यान हटाने और चावल मिल मालिकों और एफसीआई अधिकारियों से पैसे वसूलने के लिए की गई है। वह आपके अपने नवीन शर्मा, प्रबंधक गुणवत्ता एफसीआई और मिथलेश कोस्टा, प्रबंधक डिपो धमतरी, छत्तीसगढ़ द्वारा सहायता प्राप्त है। दोनों को अक्सर रोशन चंद्राकर की ब्लू कलर की बीएमडब्ल्यू कार में सफर करते देखा जाता है।

ये तीनों अपने निजी फायदे के लिए छत्तीसगढ़ के राइस मिलिंग उद्योग की छवि खराब कर रहे हैं। मेरा अनुरोध है कि रोशन चंद्राकर की अवैध हजार करोड़ की संपत्ति की जांच की जाए जो टैक्स चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग से बनाई गई है। मैं मनी लॉन्ड्रिंग के माध्यम से बनाई गई एक हजार करोड़ की अवैध संपत्ति का विवरण प्रस्तुत करूंगा।

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