बगोटा: अमेज़न जंगल में जो हुआ वो किसी चमत्कार से कम नहीं। दरअसल एक महीने पहले एक छोटा विमान कोलंबियाई अमेज़ॅन रेनफॉरेस्ट में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी वही करीब 40 दिन बाद अमेज़ॅन जंगल से लापता चार स्वदेशी बच्चे जीवित मिले हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, Huitoto समुदाय के दार भाई-बहन जिनकी उम्र- 13 साल, 9 साल, 4 साल और 1 साल है एक प्लेन क्रैश के बाद अमेज़न के जंगल में भटक गए थे। सभी बच्चे सुरक्षित हैं। 1 साल के बच्चे ने अपना पहला जन्मदिन जंगल में भटकते हुए मनाया। ये बच्चे तूफ़ान का, जंगली जानवरों का और हथियारबंद बदमाशों के बीच सुरक्षित बच गए।

शनिवार को जब ये बच्चे अपने दादा-दादी से मिले तो उन्होंने बताया कि कैसे 13 साल की बच्ची लेस्ली ने अपने 3 भाई, जो 9, 4 और 1 साल के थे, उनकी देखभाल की। लेस्ली की दादी ने कहा कि उनकी पोती बालों में लगाने वाले रिबन की मदद से कैंप बनाती थी।

See also  Women's Asia Cup Rising Stars 2026: भारत की बेटियों ने रचा इतिहास, फाइनल में बांग्लादेश को 46 रनों से हराकर जीता खिताब

दरअसल, ये बच्ची अकसर अपने घर में आंटी और छोटे भाई के साथ एक सर्वाइवल गेम खेलती थी। यहीं से उसने कैंप बनाना सीखा था। बच्चों की आंटी ने बताया कि लेस्ली को फलों के बारे में काफी जानकारी थी। अमेजन जंगलों के पास ही घर होने से उसे पता था कि कौन से फल खाए जा सकते हैं और कौन से जहरीले होते हैं। इसी से बच्चे 40 दिन तक फल, बीज, जड़ों और पौधों को खाकर जिंदा रहे।

दादी बोलीं- मदर अर्थ ने मेरे बच्चों की रक्षा की
बच्चों से मिलने के बाद उनकी दादी फातिमा वेलेंशिया ने कहा- मदर अर्थ ने मेरे बच्चों की देखभाल की। मैं हमेशा आभारी रहूंगी। उन्होंने बताया कि जब भी बच्चों की मां काम पर जाती थी, तब लेस्ली ही अपने भाइयों की देखभाल करती थी। इसी से उन्हें जंगल में भी जिंदा रहने में मदद मिली।

इस बारे में खुद राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए राजधानी बोगोटा में मीडिया से कहा, “आज का हमारा दिन जादुई रहा। “उन्होंने कहा, “बच्चे कमजोर हैं और फिलहाल डॉक्टरों को अपना काम करने दें। ” राष्ट्रपति गस्टावो पेट्रो ने ट्विटर पर एक तस्वीर पोस्ट की थी जिसमें कई लोग दिख रहे थे। कोलंबिया के राष्ट्रपति गस्टावो पेट्रो ने भी बच्चों की तारीफ़ की। बच्चों को हेलिकॉप्टर से एयरलिफ़्ट किया गया। राष्ट्रपति पेट्रो ने बताया कि बच्चों के मेडिकल अटेंशन दी जा रही है। बच्चों के दादाजी ने कहा, ‘प्रकृति माता ने बच्चों को लौटा दिया।’

See also  भारत से उड़ानों पर अब ऑस्ट्रेलिया ने भी लगाई रोक, जानें कब तक?

2 हफ़्ते बाद मिला विमान
1 मई को चारों बच्चे और उनकी मां Cessna 206 फ़्लाट में सवार थे और San Jose de Guaviare से Araracuara जा रहे थे। विमान का इंजन खराब हो गया और पायलट ने मे डे अलर्ट भेजा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दुर्घटना के 2 हफ़्ते बाद घने जंगल में विमान के टुकड़े मिले। बच्चों की 33 साल की मां समेत तीन वयस्कों की बॉडीज़ भी मिली लेकिन बच्चों का नामों-निशान नहीं था। दोनों पायलट्स की भी दुर्घटना में मौत हो गई।

सेना ने जंगल में गिराए खाने के पैकेट
बाद में, वायुसेना ने एक वीडियो ट्वीट किया, जिसमें सैनिक बच्चों को हेलीकॉप्टर में चढ़ाते नजर आ रहे हैं। इसने लिखा कि हेलीकॉप्टर बच्चों को लेकर सैन जोस डेल ग्वावियार रवाना हुआ। तलाश अभियान के दौरान सेना जंगल में अलग-अलग जगहों पर इस उम्मीद में खाने के पैकेट गिराती थी कि इन बच्चों को पेट भरने और जीवित रहने में मदद मिल सकेगी। यही नहीं, सैनिक चारों बच्चों की दादी की ओर से रिकॉर्ड किया गया संदेश बजाते थे, जिसमें वह उनसे एक साथ रहने और हिम्मत न हारने के लिए कहती थी।

See also  Russia Ukraine News: यूक्रेन की राजधानी कीव में एयर अलर्ट, रूस ने तेज किए हवाई हमले