रायपुर। छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर के तूता स्थित धरना स्थल पर पिछले 2 सप्ताह से नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हजारों संविदा कर्मचारी अब बुधवार से आमरण अनशन पर हैं। कर्मचारी अन्न-जल का त्याग कर प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले मंगलवार शाम को इन कर्मचारियों ने विधानसभा घेराव का आयोजन किया। इस बीच कर्मचारी नवा रायपुर की सड़क पर उतर आए। विधानसभा जाने के लिए आगे बढ़ने लगे मगर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर इन्हें रोक दिया था। इससे गुस्साए संविदा कर्मचारी पुलिस से भी भिड़ गए। काफी देर तक हुए हंगामे के बाद संविदाकर्मी वापस अपने धरना स्थल पर लौटे। मगर उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को चेताया कि आने वाले दिनों में उनका आंदोलन उग्र होगा। अब कर्मचारी आमरण अनशन की घोषणा कर चुके हैं।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि, तूता स्थित धरना स्थल पर हमें पानी और शौचालय के लिए परेशान किया जा रहा है। कई बार बिजली काट दी जाती है। पानी का सप्लाई ठीक से नहीं होती। यहां प्रदेश के अलग-अलग जिलों से हजारों प्रदर्शनकारी पहुंचे हुए हैं। शायद यह आंदोलन को कुचलने का प्रयास है मगर हम पीछे हटने वाले नहीं।

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आमरण अनशन में नहीं करेंगे अन्न जल ग्रहण
संविदा कर्मचारी महासंघ के प्रांताध्यक्ष कौशलेश तिवारी ने कहा कि, सरकार की संवाद हीनता के चलते हम अब आमरण अनशन करने मजबूर हैं। इस आमरण अनशन में अन्न जल ग्रहण नहीं किया जाएगा। मीडिया प्रभारी और प्रवक्ता सूरज सिंह ठाकुर ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में संवाद स्थापित होना चाहिए, लेकिन पौने पांच साल बाद भी सरकार अपने वादे के संबंध में बात नहीं करना चाहती है।