रायपुर। छत्‍तीसगढ़ में तेज विकास और आम लोगों की सुविधा के मद्देनजर दो नए पुलिस रेंज बनाए जा सकते हैं। गौरतलब है की इस पर पुलिस मुख्‍यालय (पीएचक्‍यू) से लेकर मंत्रालय तक मंथन चल रही है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है की सब कुछ ठीक रहा तो अगस्‍त में इसकी घोषणा हो सकती है। वरना विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद दो नए पुलिस रेंज अस्तित्‍व में आ जाएंगे।

राज्‍य में वैसे तो पुलिस रेंज की संख्‍या पांच है, लेकिन सरकार ने राजधानी रायुपर की संवेदनशीलता को देखते हुए रायपुर जिला के लिए अलग आईजी पदस्‍थ कर रखा है। इस लिहाज से रेंज की संख्‍या बढ़कर छह हो गई है। वर्तमान में रायपुर (राजधानी) रेंज की कमान राज्‍य के खुफिया विभाग के चीफ अजय यादव के पास है। वहीं, रायपुर रेंज की जिम्‍मेदारी आईजी आरिफ शेख के पास है। इसके अलावा दुर्ग, बिलासपुर, बस्‍तर और सरगुजा चार अन्‍य रेंज हैं।

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तेज विकास और आम लोगों की सुविधा के लिए प्रशासन के विकेंद्रीकरण पर जोर दिया जा रहा है। यह कांसेप्‍ट पूरे देश में चल रहा है। इसके आधार पर छत्‍तीसगढ़, झारखंड और उत्‍तरखंड जैसे छोटे राज्‍यों का गठन हुआ। इधर, प्रदेश में भी सरकार विकास की रफ्तार बढ़ाने के इरादे से नए- नए जिला और तहसीलों का गठन कर रही है। मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल की सोच है कि प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण होने का फायदा आम जनता को मिलता है। बुनियादी सुविधाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, खाद्यान्न आदि लोगों तक आसानी से पहुंचती है। वहीं शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन दूरस्थ अंचलों तक आसानी से हो पाता है। इसी सोच के तहत बीते चार- साढ़े चार साल में राज्‍य में छह नए जिलों का गठन किया गया है। इसे देखते हुए नए रेंज के गठन का प्रस्‍ताव तैयार किया जा रहा है ताकि लोगों को रेंज आईजी से मिलने के लिए ज्‍यादा दूरी तय करनी न पड़े।

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गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार नए पुलिस रेंज को लेकर अभी प्रारंभिक स्‍तर पर तैयारी और मंथन का दौर चल रहा है। इसमें स्‍थापना व्‍यय, मैन पॉवर, आईजी रेंक के अफसरों की उपलब्‍धता आदि पर विचार किया जा रहा है। अफसरों के अनुसार राजनांदगांव और रायगढ़ को नया रेंज बनाने पर विचार चल रहा है। यदि इन दोनों रेंज का गठन होता है तो रेंज में शामिल किए जाने वाले जिलों में भी बदलाव होगा। मसलन कांकेर को राजनांदगांव रेंज में और कवर्धा को दुर्ग रेंज में रखने पर विचार किया जा रहा है। इसी तरह जशपुर को सरगुजा के स्‍थान पर नए बनने वाले रायगढ़ रेंज में शामिल करने की संभावना तलाशी जा रही है।

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अफसरों के अनुसार नए रेंज के गठन के साथ ही पुराने रेंज का भी परिसीमन किया जाएगा। नियमानुसार इसके लिए आम लोगों की राय लेनी पड़ेगी। इसके लिए नोटिफिकेशन, दावा- आपत्ति और जनसुनवाई आदि की प्रक्रिया करनी पड़ेगी। इसमें काफी वक्‍त लग सकता है। ऐसे में माना जा रहा है कि भले ही अगस्‍त में इसकी घोषणा हो जाए, लेकिन गठन की प्रक्रिया अब विधानसभा चुनाव के बाद ही होगी।

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