रायपुर : रायपुर में साइबर थाने की शुरुआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री द्वारा रायपुर रेंज में साइबर थाना का वर्चुअली उद्घाटन किया गया है , जिसके पश्चात रायपुर साइबर थाना में प्राप्त शिकायत में प्रथम सूचना पत्र दर्ज की जा रही हैं।

इस दौरान CM ने महिला हेल्प डेस्क और पुलिस इकाइयों के लिए वाहन का फ़्लैग ऑफ किया। साइबर रेंज थाना और नवीन थाना भवनों का सीएम भूपेश बघेल ने उद्घाटन किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। स्वतंत्रता दिवस के पूर्व पुलिस विभाग को महत्वपूर्ण सौगातें मिली है। अधिकारियों को जितनी अच्छी सुविधा मिलेगी, उतना ही अपराध को रोकने में मदद मिलेगी। एक समय था जब पुलिस के धमक से चोर भागते हुए रुक जाते थे. पुलिस का इकबाल बने रहना चाहिए। यदि पुलिस का इकबाल ना हो तो कानून व्यवस्था को सामान्य नहीं रख पाएंगे। अपराधियों के मन मे पुलिस का भय बना रहना चाहिए।

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बघेल ने कहा कि अब साइबर क्राइम का जमाना आ गया है. यदि पुलिस दो कदम आगे ना सोचे तो क्राइम को नहीं रोका जा सकता। सोच में बदलाव होने की आवश्यकता है। 6 करोड़ 67 लाख के बजट से फायरिंग रेंज लक्ष्य बनाया गया है। इंडोर फायरिंग रेंज से दुर्घटना की संभावना कम है।

सीएम ने कहा कि पौने 5 साल में पुलिस विभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में उपलब्धि रही है। आदिवासियों ने पुलिस की प्रशंसा की। यह विभाग की उपलब्धि है। साल 2023 में तीन अधिकारियों को खोया है। उनका बलिदान खाली नहीं जाएगा। बस्तर के लोगों का विश्वास सरकार के ऊपर बना है। इसमें बहुमूल्य योगदान गृह विभाग और जवानों का रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले धरना प्रदर्शन का आप लोगों को अनुभव था, लेकिन सांप्रदायिक माहौल जो प्रदेश में बन रहा है, उसका अनुभव नहीं था। बेमेतरा और कवर्धा में जैसा माहौल बना, उसके लिए आपको सचेत रहना पड़ेगा।

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बता दें कि इस दौरान गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, विधायक सत्यनारायण शर्मा, DGP अशोक जुनेजा समेत पुलिस के आलाधिकारी मौजूद थे।