रायपुर। राजधानी के अटारी गांव की गठित महिला समूह भरोसे का गला घोंटते हुए उनके ही समूह की महिला सदस्य ने अन्य महिलाओं के खातों से रूपए निकाल कर खर्च करती रही। यह सिलसिला बीते तीन वर्ष तक जारी रहा और इसके बारे में किसी को भी भनक नहीं लगी। महिलाओं के खाते से करीब सात लाख रूपए निकाल कर अपने निजी कार्य के लिए खर्च कर दिया गया। एक महिला ने बैंक जाकर पूछताछ की तब इसका खुलासा हुआ। महिलाओं की रिपोर्ट पर कबीर नगर पुलिस ने उक्त महिला के खिलाफ 420 का मामला दर्ज किया है।

पुलिस के मुताबिक नंदन वन इलाके के अटारी निवासी वीणा निषाद ने यह धोखाधड़ी की। उसने गांव की 8-10 महिलाओं को भरोसे में लेकर बैंकों में खाता खुलवाया और फिर 19 जनवरी 21 से कल 6 सितंबर तक खातों में से रकम निकालकर अपने निजी काम में खर्च करती रही।

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