कोलंबो। फाइनल में जगह पक्की कर चुकी भारतीय टीम शुक्रवार को यहां एशिया कप के ‘सुपर फोर’ मैच में पहले ही बाहर हो चुकी बांग्लादेश के खिलाफ अपने संभावित खिलाड़ियों को आजमाना चाहेगी। रोहित शर्मा की अगुआई वाली टीम गहराई से सोचेगी कि अपनी पहली पसंद की टीम को ज्यादा से ज्यादा ‘गेम टाइम’ दिया जाए या फिर अगले महीने घरेलू सरजमीं पर होने वाले विश्व कप से पहले अपने कुछ संभावित खिलाड़ियों को मौका दिया जाए।

कार्यभार प्रबंधन का यह सवाल विशेषकर गेंदबाजों के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है। जसप्रीत बुमराह ने एशिया कप में अभी तक महज 12 ओवर ही गेंदबाजी की है जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ पांच और श्रीलंका के खिलाफ सात ओवर शामिल है। नेपाल के खिलाफ वह खेले ही नहीं थे। इसलिए यह बुमराह पर निर्भर करेगा कि वह एक और मुकाबले में गेंदबाजी करना चाहते हैं या फिर सीधे 17 सितंबर को फाइनल के लिए उतरेंगे।

वहीं मोहम्मद सिराज ने इस टूर्नामेंट में 19.2 ओवर और हार्दिक पांड्या ने 18 ओवर डाले हैं। ये ओवर भले ही ज्यादा नहीं लगे लेकिन कोलंबो की उमस इतनी ज्यादा है कि गेंदबाज की काफी ऊर्जा कम हो जाती है इसलिए टीम प्रबंधन इनमें से एक को ब्रेक देना चाहेगा। इस संदर्भ में बात करें तो अगर बांग्लादेश के खिलाफ सिराज की जगह मोहम्मद शमी मैदान में उतरें तो यह हैरानी भरा फैसला नहीं होगा। इससे पांच अक्टूबर से शुरु हो रहे विश्व कप से पहले सीनियर तेज गेंदबाज को कुछ अहम ‘मैच टाइम’ हासिल करने में मदद मिलेगी।

See also  Team India's New Jersey launch - कश्मीरी डिजाइनर ने तैयार की टीम इंडिया की नई जर्सी

यह अहम भी है क्योंकि शमी को बुमराह, सिराज और पांड्या के ‘बैक-अप’ तेज गेंदबाज के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन ‘थिंक टैंक’ के लिए अक्षर पटेल के गेंदबाजी ग्राफ में गिरावट चिंता की बात होगी क्योंकि उन्हें रविंद्र जडेजा के कवर के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। बायें हाथ का यह स्पिनर न तो विकेट ही चटका पा रहा है और न ही रन गति पर लगाम कस पा रहा है। अक्षर ने इस साल सात वनडे खेले हैं और छह के इकोनोमी रेट से केवल तीन विकेट ही झटक सके हैं। उन्हें अपने खेल में सुधार करने की जरूरत है और वो भी तुरंत।

केएल राहुल की पूर्ण फिटनेस में वापसी ने टीम प्रबंधन की काफी समस्या कम कर दी है। उन्होंने क्रीज पर टिककर धाराप्रवाह बल्लेबाजी की। श्रीलंका के खिलाफ मैच के बाद राहुल ने टीम प्रबंधन द्वारा उनकी भूमिका पर स्पष्टता के बारे में लंबी बात की कि वह भारत के मुख्य विकेटकीपर कम मध्यक्रम बल्लेबाज होंगे। इसलिए यह माना जा सकता है कि राहुल बांग्लादेश के खिलाफ भी अपनी जिम्मेदारी निभाना जारी रखेंगे। लेकिन श्रेयस अय्यर की फिटनेस पर निगाहें लगी होंगी क्योंकि वह पीठ की जकड़न के कारण पाकिस्तान और श्रीलंका के खिलाफ ‘सुपर फोर’ मैच में नहीं खेल पाए थे।

See also  सचिन तेंदुलकर हॉस्पिटल से हुए डिस्चार्ज, 27 मार्च को हुए थे कोरोना पॉजिटिव

अय्यर ने हालांकि गुरुवार को बिना किसी परेशानी के नेट में बल्लेबाजी और गेंदबाजी की जो टीम के लिए अच्छी खबर है। लेकिन अगर टीम प्रबंधन मुंबई के इस खिलाड़ी को उबरने के लिए कुछ अतिरिक्त समय देना चाहता है तो वह ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव में से किसी एक विकल्प को आजमा सकता है। किशन ने अभी तक वनडे में प्रभावित किया है लेकिन सूर्यकुमार इस प्रारूप में इतना अच्छा नहीं कर सके हैं।

इसके बावजूद सूर्यकुमार को भारत की वनडे टीम के अहम खिलाड़ी के तौर पर देखा जा रहा है और ‘थिंक टैंक’ उन्हें एक और मौका देना चाहेगा। बांग्लादेश की बात करें तो उन्हें इस मैच में विकेटकीपर बल्लेबाज मुश्फिकुर रहीम की सेवायें नहीं मिलेंगी जिससे लिटन दास के विकेटकीपिंग करने की उम्मीद है। हालांकि उनके कप्तान शाकिब अल हसन अपने परिवार के साथ समय बिताने के बाद वापस टीम से जुड़ गए हैं।

संभावित प्लेइंग 11 :

See also  IND vs BAN : भारत ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी का फैसला

भारत : रोहित शर्मा (कप्तान), शुबमन गिल, विराट कोहली, केएल राहुल (विकेटकीपर), इशान किशन, हार्दिक पंड्या, रवींद्र जड़ेजा, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रित बुमरा, मोहम्मद सिराज

बांग्लादेश : मोहम्मद नईम, मेहदी हसन, लिटन दास, शाकिब अल हसन (कप्तान), तौहीद हृदोय, मुश्फिकुर रहीम (विकेटकीपर), शमीम हुसैन, नसुम अहमद, तस्कीन अहमद, शोरफुल इस्लाम, हसन महमूद