रायपुर। छत्तीसगढ़ में PSC की भर्ती में हुए तथाकथित घोटाले को लेकर सीजी हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है और कोर्ट के कड़े रुख के बाद राज्य सरकार ने मामले की स्वयं जांच कर रिपोर्ट देने की बात कही है, मगर विपक्षी पार्टी भाजपा को राज्य सरकार पर भरोसा नहीं है, यही वजह है कि पूर्व मुख्यमंत्री और BJP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले से अवगत कराया है और इसकी जांच CBI के माध्यम से कराये जाने की मांग की है।

PM मोदी को लिखे पत्र में डॉ रमन सिंह ने उल्लेख किया है कि PSC भर्ती में भाई-भतीजा वाद के चलते युवाओं में भारी निराशा और आक्रोश है। भर्ती प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी की ओर इशारा करते हुए रमन सिंह ने लिखा है कि छत्तीसगढ़ के काबिल युवाओं का भविष्य गर्त में जाने से बचाने के लिए इस मामले की जांच CBI से कराएं और युवाओं को न्याय दिलाएं।

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पूर्व CM डॉ रमन सिंह द्वारा PM मोदी को किया गया ट्वीट :

क्या छग में CBI किसी मामले की जांच कर सकती है ?

अब सवाल यह उठता है कि इस मामले की जांच से कराने की मांग उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह केवल राजनीति कर रहे हैं या CBI छत्तीसगढ़ के इस मामले की जांच भी कर सकती है। दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में राज्य की इकाइयों में हुए किसी भी मामले की जांच पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसलिए CBI यहां सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकती।

PM ने PSC SCAM को लेकर ये कहा था…

गौर करने वाली बात यह भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर की आमसभा में कहा था कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनने पर PSC घोटाले की जांच कराई जाएगी। इसका मतलब यह माना जा सकता है कि प्रधानमंत्री भी इस मामले में सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकते।

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जानकारों का कहना है कि CBI हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही राज्य की किसी इकाई के खिलाफ जांच की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। यही वजह है कि किसी भी मामले को लेकर CBI के छत्तीसगढ़ राज्य कार्यालय में पहुंचने वाले शिकायतकर्ताओं को अधिकारी यही सुझाव देते हैं कि मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर करे और संबंधित मामले की जांच CBI से करने की मांग करें। कोर्ट ने आर्डर दिया तब ही CBI मामले की जांच करेगी। बहरहाल पूर्व CM ने PM को पत्र लिखा है और देखना यह है कि ठीक विधानसभा चुनाव के पहले इस मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने के लिए किस तरह की पहल होती है।