0 टिकट के लिए पैसे की मांग का आरोप लगाने वाले व्यक्ति का पार्टी से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं – कोमल हुपेंडी

रायपुर। चुनाव आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव का शेड्यूल जारी होने पर आम आदमी पार्टी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने ‘आप’ उम्मीदवारों को शुभकामना देते हुए बीजेपी-कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में इन दिनों कथित रूप से आम आदमी पार्टी के खिलाफ पैसे लेकर टिकट वितरण करने का दुष्प्रचार किया जा रहा है। बीजेपी ने इसकी पुष्टि और पार्टी की छवि धूमिल करने की नीयत से एक फर्जी ऑडियो क्लिप भी जारी किया है, जो कि पूरी तरह से निराधार है।

कोमल हुपेंडी ने कहा कि आज विधानसभा चुनाव का शेड्यूल जारी हुआ है। प्रदेश की जनता उम्मीदवारों को अपना आशीर्वाद देने जा रही है। जनता ने बीजेपी-कांग्रेस दोनों पार्टियों को पर्याप्त मौका दिया। इस बार प्रदेश की जनता आम आदमी पार्टी को आजमाना चाहती है। पार्टी के चुनाव लड़ने से बीजेपी बौखलाई हुई है। जिस तरीके से बीजेपी दो साधारण लोगों के ऑडियो को फैला कर अपना प्रचार कर रही है। इससे स्पष्ट है कि बीजेपी के पास कोई एजेंडा बचा नहीं है।

See also  Bihar Assembly Elections: तेजस्वी यादव के नायक वाले पोस्टर पर मचा सियासी बवाल, BJP-JDU ने पूछा...पिता खलनायक तो बेटा नायक कैसे..?

आप के मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय ने कहा कि जिन नेताओं का ऑडियो क्लिप शेयर हो रहा है, वो कौन हैं? किस पद पर हैं? क्या वो किसी को पैसे लेकर टिकट देने की क्षमता रखते हैं? इसका जवाब है… नहीं। इसके बावजूद जब ये बात सामने आयी तो पार्टी ने इनको तत्काल प्रभाव से हटा दिया था। और पार्टी के सभी सदस्यों को आगाह भी कर दिया था कि चुनाव के समय विरोधी पक्ष आपको फंसाने के लिए, बदनाम करने के लिए इस तरह की छोटी हरकत करेंगे, जाल बिछायेंगे तो इन सब से बच के रहना है।

सूरज उपाध्याय ने कहा कि हमारे सभी 22 कैंडिडेट प्रदेश के आम आदमी हैं। दूसरी पार्टियों में कितने सामान्य लोगों को टिकट मिलता है ? हमारे प्रत्याशी तेज राम विद्रोही और संत राम सामान्य किसान परिवार से हैं। पंजाब में मोबाइल रिपेयर करने वाले जैसे लोगों को पार्टी ने टिकट दिया था, जिसने मुख्यमन्त्री चन्नी को हरा दिया। ये हमारी ईमानदारी का प्रमाण है। छल से ये आम आदमी पार्टी को बदनाम करना चाहते हैं। छत्तीसगढ़ की जनता समझदार है। इन्हें सब पता है, कौन करा रहा है।

See also  पोस्टिंग निरस्तीकरण मामला : महाधिवक्ता से मिला अभिमत, शिक्षक अपनी मर्जी से मूल पदस्थापना स्थल में कर सकते हैं ज्वाइन, देखें शिक्षा विभाग का पत्र