आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले के जगनेर स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी आश्रम में शुक्रवार देर रात दो सगी बहनों ने फांसी लगाकर जान दे दी। आत्महत्या से पहले दोनों बहनों ने आश्रम के व्हाट्सएप ग्रुप में सुसाइड नोट भेजे थे। उन्होंने आत्महत्या के लिए 4 कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया है और उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। सुसाइड नोट में दोनों बहनों ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से आरोपियों को आसाराम की तरह उम्रकैद की सजा दिलाने के लिए कहा है। उन्होंने लिखा है, ”योगी जी इन आरोपियों को आसाराम बापू की तरह उम्रकैद की सजा दिलाना।”

मृतक बहनों ने आश्रम के चार कर्मियों पर रुपये हड़पने से लेकर अन्य अनैतिक गतिविधियों द्वारा प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। एसीपी खैरागढ़ के मुताबिक चारों आरोपी आगरा से बाहर के हैं, जिनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, दो की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें रवाना कर दी गई हैं।

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8 साल पहले ली थी दीक्षा

पुलिस के मुताबिक एकता और शिखा ने 8 साल पहले ब्रह्माकुमारी की दीक्षा ली थी। दीक्षा के बाद उनके परिवार ने जगनेर में ब्रह्माकुमारी केंद्र बनवा दिया था जिसमें दोनों रह रही थीं। मृतक बहनों में से शिखा (34) ने एक पेज का सुसाइड नोट लिखा है, जबकि एकता (37) ने दो पेज का सुसाइड नोट। शिखा ने सुसाइड में दोनों बहनों के पिछले एक साल से परेशान होने का जिक्र किया है। सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी मौत का जिम्मेदार आश्रम के नीरज सिंघल, धौलपुर के ताराचंद, नीरज के पिता और ग्वालियर के आश्रम में रहने वाली एक महिला को ठहराया है जिसकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है।

मौके पर पहुंचा परिवार, फंदे से लटकी थी दोनों बहनें

जगनेर में बसई रोड पर ब्रह्मकुमारी आश्रम में दोनों बहनों के साथ एक अन्य युवती भी रहती है। एकता के भाई सोनू ने बताया कि शुक्रवार रात 11.18 बजे उनके व्हाट्सएप पर रूपवास ब्रह्मकुमारी आश्रम की बहन ने सुसाइड नोट भेजा। फोन करके एकता और शिखा द्वारा भेजे गए सुसाइड नोट की जानकारी दी। इस पर वह भागकर घर से 13 किलोमीटर दूर आश्रम पहुंचे जहां दोनों बहनों को फंदे से लटका पाया।

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सुसाइड नोट में बयां किया अपना दर्द 

जगनेर में ब्रह्मकुमारीज सेंटर में आत्महत्या करने वाली बहनों को कसबा में ही ब्रह्मकुमारीज सेंटर बनवाने का जिम्मा सौंपा गया था। बहनों ने सेंटर बनवाने के लिए काफी मेहनत की। मथुरा स्थित अपना प्लॉट भी सात लाख में बेचकर रकम लगाई। एकता (38) और शिखा (32) ने सुसाइड नोट में अपना दर्द बयां किया है। उन्होंने नीरज, उसके पिता ताराचंद, गुड्डन व ग्वालियर की महिला पर आरोप लगाया।

वहीं इस मामले से पूरे शहर में सनसनी फैल गई है। सुसाइड नोट के तथ्यों को आधार मानकर पुलिस ने मामले की जांच भी शुरू कर दी है। जिन लोगों का नाम सुसाइड नोट में लिखा पाया गया है, उनसे पुलिस पूछताछ करेगी।