धरमजयगढ़। सरकारी धान की खरीदी के बाद किस तरह इसकी अफरा-तफरी होती है, उसका एक नया तरीका सामने आया है। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र में एक राइस मिलर ने जशपुर जिले के एक केंद्र से दो ट्रकों में धान उठाया और रायगढ़ जिले के एक केंद्र में उसे खाली कराने लगा। मगर ऐसा करते हुए ग्रामीणों ने पकड़ लिया और प्रशासन को इसकी सूचना दे दी। जांच के बाद इस मामले में राइस मिलर समेत खरीदी केंद्र के प्रमुखों और वाहन चालकों के खिलाफ FIR दर्ज किया गया है।

यह था मामला…

दरअसल 21 जनवरी को रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम सिसरिंगा स्थित धान खरीदी केन्द्र में दो ट्रक में लोड धान लाया गया था। इस केंद्र का संचालन आदिम जाति सेवा सहकारी समिति सिसरिंगा द्वारा किया जाता है। मगर ग्रामीणों ने ट्रक को चेक किया तो पता चला कि लोड धान के बोरों में “TSS काडरो” अंकित था, जो सिसरिंगा धान उपार्जन केन्द्र से संबंधित नहीं थे। बता दें कि आदिम जाति सेवा सहकारी समिति काडरो, जशपुर जिले में स्थित है। शंका होने पर ग्रामीणों ने ट्रकों को रोक लिया और तहसीलदार धरमजयगढ़, खाद्य विभाग व धरमजयगढ़ पुलिस को दी।

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जांच में उजागर हुई अफरा-तफरी

जांच टीम द्वारा ट्रक में लोड धान के दस्तावेजों को चेक करने पर पता चला कि दिनांक 21 जनवरी की शाम धान, उपार्जन केन्द्र काडरो TSS लुडेग, जशपुर से दोनों ट्रक मां कमला श्री राइस मिल पत्थलगांव में धान परिवहन के लिए निकली है। ट्रक चालकों द्वारा पूर्व सुनियोजित तरीके से धान मां कमला श्री राइस मिल में अनलोड न कर अवैध लाभार्जन के लिए धान उपार्जन केन्द्र सिसरिंगा, धरमजयगढ़, जिला रायगढ़ में लाया गया था। इसका खुलासा ट्रकों में लोड धान में अंकित स्टेंसिल से हुआ। इस मामले में धान खरीदी केंद्र प्रभारी, प्रबंधक द्वारा राइस मिल के संचालक से साठ-गांठ कर अवैध धान को उपार्जन केंद्र में खापने के लिया लाया जाना सही पाया गया।

राइस मिलर समेत 5 के खिलाफ FIR

इस जांच में धान खरीदी केंद्र प्रभारी और प्रबंधक, संचालक, मां कमला श्री राइस मिल पत्थलगांव, जिला जशपुर और वाहन चालक ऋतिक एवं वाहन चालक सर्पराज की संलिप्तता पायी गई। जिसके बाद पांचों आरोपियों के विरूद्ध थाना धरमजयगढ़ में धारा 409, 34 आईपीसी का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

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पुलिस ने दो को किया गिरफ्तार

आज इस मामले में अपराध दर्ज करने के बाद धान खरीदी केंद्र के प्रबंधक सहदेव कुमार राय और धान केन्द्र प्रभारी पुरूषोत्तम दास महतं को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस द्वारा राइस मिलर की तलाश की जा रही है।

16 लाख का धान और 30 लाख की ट्रकें जब्त

थाना प्रभारी, धरमजयगढ़ अमित कुमार तिवारी द्वारा अपराध विवेचना दरम्यान गवाहों से पूछताछ कर घटनास्थल की जांच कर दोनों ट्रकों में कुल 1900 बोरे धान कीमती करीब 16,59,080 रूपये और तथा ट्रक क्रमांक UP 21 CN 7070 कीमत 15 लाख एवं ट्रक क्रमांक UP 21 DT 3930 कीमत 15 लाख, कुल कीमत 46.59 लाख रूपये की जप्ती की गई और आरोपी (1) सहदेव कुमार राय पिता सुकलाल राय उम्र 47 वर्ष निवासी ग्राम सिसरिंगा थाना धरमजयगढ जिला रायगढ़ (2) पुरूषोत्तम दास महतं पिता रामेश्वर दास महंत उम्र 32 वर्ष साकिन ग्राम सिसरिंगा, थाना धरमजयगढ़ को गिरफ्तार कर ज्युडिसियल रिमांड प्राप्त करने कोर्ट भेजा गया।

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इस तरह की जाती है अफरा-तफरी…

बता दें कि राइस मिलर्स द्वारा सरकारी धान खरीदी केंद्रों से धान का उठाव करने के बाद अपने मिल में लाया जाता है और मिलिंग करने के बाद चावल को सरकार के गोदाम में पहुंचाया जाता है। मगर सवाल यह उठता है कि मिलर द्वारा आखिर एक केंद्र से धान का उठाव करने के बाद इसे दूसरे केंद्र में ले जाकर क्यों खाली किया जा रहा था। जानकार बताते हैं कि इस पूरे धान की खरीदी सिसरिंगा के केंद्र में दिखा दी जाती और राइस मिलर तथा खरीदी केंद्र के लोग मिलकर रकम की बंदरबांट कर लेते। उधर राइस मिलर बाजार से सस्ते दर पर उठाये हुए धान अथवा पुराने धान की मिलिंग कर सरकारी गोदाम में खपा देता। ऐसा करके पूरा गिरोह सरकार को चूना लगा रहा है, क्योंकि जिस कीमत पर सरकार किसानों से धान की खरीदी कर रही है, वह बाजार में उस कीमत पर कही नहीं बिकती है। इसलिए धान को खपाने के लिए ऐसा तरीका अपनाया जा रहा है।