ना किसानों को पैसा दिया, ना तो महतारी वंदन के तहत पैसा मिला

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र के पहले ही दिन से विपक्ष धान, किसान सहित अन्य मुद्दों पर प्रदेश सरकार को घेरते हुए नजर आई। सदन में विपक्ष के इस रवैये को देखते हुए ये बात तो तय है कि बजट सत्र हंगामेदार होगा। विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

सदन के पहले दिन ही पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सत्ता पक्ष को घेरने का प्रयास किया। साथ ही भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। भूपेश बघेल ने कहा कि पिछले समय भी राज्यपाल का अभिभाषण हुआ था। लेकिन इसमें बहुत सारे विषयों का उल्लेख नहीं था। आपत्तिजनक बात है, राजिम पुन्नी मेला राजपत्र में प्रकाशित है लेकिन राज्यपाल के अभिभाषण में बदले नाम का जिक्र किया गया।

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उन्होंने विष्णुदेव सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि मोदी की गारंटी की बात करते हैं, लेकिन ना किसानों को पैसा दिया, ना तो महतारी वंदन के तहत पैसा मिला। जबकि पिछले सत्र में महतारी वंदन योजना की बात बढ़ चढ़कर की गई, लेकिन अब तक लागू नहीं हुआ। राज्यपाल के अभिभाषण में भी महतारी वंदन योजना का जिक्र किया गया, लेकिन अब तक एक भी महिला को लाभ नहीं मिला है।

भूपेश बघेल का विष्णुदेव सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि ये सरकार सिर्फ होर्डिंग में है। धान का 3100 नहीं दे रहे, किसान दर कर भटक रहे हैं। राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किस्त सरकार में नहीं दी है। वहीं, योजनाओं क नाम बदलने को लेकर उन्होंने कहा कि इस सरकार का काम ही यही है, योजनाओं का नाम बदल दिया जाता है।

कांग्रेस सरकार के एटीएम वाले बयान पर भूपेश बघेल ने कहा हां हम एटीएम थे, किसानों के लिए आम जनता के लिए। यह तो बैंक बन गए हैं, सीधा पैसा अदानी को जाता है। राजिम डुबकी लगाने जाएंगे? इस सवाल पर भूपेश बघेल ने कहा कि उनके बोलने पर नहीं जाएंगे हम तो वहां बचपन से जा रहे हैं।

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