नई दिल्ली। फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी व कर्जमाफी समेत 12 मांगों को लेकर दिल्ली कूच पर अड़े पंजाब के किसान संगठन शंभू और दातासिंह वाला सीमा पर डटे रहे। आज चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्रियों और किसान नेताओं के बीच चौथे दौर की बातचीत होगी। पंजाब के किसानों के समर्थन में हरियाणा के किसान भी आ गए हैं। भारतीय किसान यूनियन ने दोपहर में कुरुक्षेत्र में किसान-खाप पंचायत बुलाई है। यहां से हरियाणा में आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया जाएगा। बीते दिन शनिवार को किसान नेता सरवण पंधेर ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार चाहे तो अध्यादेश लाकर फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी दे सकती है। गौरतलब है कि किसान आंदोलन को देखते हुए हरियाणा के 7 जिलों अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा में 19 फरवरी की रात 12 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहेगी। हरियाणा के होम सेक्रेटरी की ओर से यह आदेश जारी किया गया है।

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हरियाणा-पंजाब के बॉर्डर पर डटे किसानों की मांगों पर चर्चा करने के लिए केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, पीयूष गोयल और नित्यानंद राय शाम को चंडीगढ़ पहुंचेंगे। करीब 6 बजे वे किसान नेताओं से मीटिंग करेंगे। शंभू बॉर्डर पर डटे किसानों का कहना है कि चंडीगढ़ में आज किसान नेताओं और मंत्रियों की मीटिंग होने तक आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चलेगा। इसके बाद दिल्ली कूच का फैसला लिया जाएगा। केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच चौथे दौर की वार्ता पर सबकी नजर है। सरकार की तरफ से वार्ता में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, पीयूष गोयल और नित्यानंद राय शामिल होंगे। किसानों की तरफ से उनके संगठन के नेता शामिल होंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी वार्ता में हिस्सा लेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक में कोई समाधान निकल सकता है। हालांकि, वार्ता से एक दिन पहले किसान नेताओं- जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवण पंधेर ने एमएसपी की कानूनी गारंटी पर अध्यादेश लाने की मांग कर टेंशन बढ़ा दी है। शंभू सीमा पर इन नेताओं ने कर्जमाफी और बिजली अधिनियम रद्द करने की मांग की।

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