रायपुर। बस्तर से लेकर सरगुजा अंचल तक की महिलाओं को अब अपने घरेलू उपयोग के लिए पनघट में जाकर पानी भरने की जरूरत नहीं होगी और न ही झिरिया के पानी पीने के लिए उन्हें मजबूर होना पड़ेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हर घर नल से जल पहुंचाने की गारंटी दी है। इस पर तेजी से काम हो रहा है। इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार के बजट में 4 हजार 5 सौ करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है।

जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रत्येक परिवार के उनकी दैनिक जरूरत के लिए 55 लीटर जल नल से उपलब्ध कराया जाएगा। छत्तीसगढ़ में इस अभियान को तेजी से पूरा किया जा रहा है। राज्य के 49.98 लाख घरों तक नल से जल पहुंच रहा है। इस मिशन के अंतर्गत 75 प्रतिशत घरों में नल से जल पहुंचाने का काम सफलता पूर्वक किया जा रहा है। शेष 25 प्रतिशत घरों में नल से जल पहुंचाने के लिए तेजी से काम हो रहा है।

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शुद्ध पानी मिलना हुआ आसान

बस्तर और सरगुजा अंचल के कई गांवों में शुद्ध पेयजल मिलने से ग्रामीण खुश हैं। ग्रामीणों को घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। जशपुर निवासी मनोहर टोप्पो ने बयाता कि पहले इस गांव में पानी की बहुत बड़ी समस्या थी। यहां के लोगों को पानी लाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता था अपने घर से दूर लगे हैंडपंप कुएं से पानी लाना पड़ता था। कई बार हैंडपंप के खराब होने पर व कुएं में पानी नहीं होने पर तो कई किलोमीटर दूर पैदल चलकर पीने के पानी की व्यवस्था करनी पड़ती थी।

महिलाएं हैं सबसे ज्यादा प्रसन्न

बस्तर जिले के ग्राम पंचायत सौतपुर के ग्रामीण खासकर महिलाएं अब खुश हैं कि उनके गांव के हर घर में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है। इस बारे में ग्राम पंचायत सौतपुर के युवा सरपंच मैना कश्यप बताती हैं कि गांव के प्रत्येक मोहल्ले में सभी को पानी मिल रहा है जिससे पूरे गांव में खुशहाली का माहौल है।

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