अनवर ढेबर
अनवर ढेबर

अरविंद सिंह को कोर्ट ने 8 अप्रैल तक रिमांड पर सौंपा

रायपुर। प्रदेश के सबसे बड़े शराब घोटाला मामले में EOW ने हिरासत में लेने के बाद अनवर ढेबर को रायपुर कोर्ट में पेश किया और 17 अप्रैल तक रिमांड मांगी हैं। लेकिन लंबी और जबरदस्त बहस के बाद कोर्ट ने अनवर ढेबर को 8 अप्रैल तक ईओडब्ल्यू की रिमांड पर दिया है। जानकारी के मुताबिक ईओडब्ल्यू ने एडीजे निधि शर्मा तिवारी की कोर्ट में उन्हें पेश किया। अनवर ढेबर को इस घोटाले का किंगपिंग बताते हुए उन्हें लंबी पूछताछ की बात ब्यूरो की तरफ से कही गई। इस पर अनवर ढेबर के वकीलों ने बहस की और ब्यूरो की कार्रवाई को कानून के खिलाफ बताते हुए ब्यूरो की विधिक कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। शराब घोटाले में ईओडब्ल्यू की तरफ से यह दूसरी गिरफ्तारी की गई है। इससे पहले EOW ने शराब घोटाला केस में आरोपी कारोबारी अरविंद सिंह को बुधवार को जेल से छूटने के बाद गिरफ्तार कर स्पेशल कोर्ट में पेश किया था। जहां से उन्हें भी 8 अप्रैल तक की रिमांड पर ब्यूरो को दिया गया है। 8 अप्रैल को दोनों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

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अनवर ढेबर की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट नित्या रामकृष्णनन ने शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट के स्टे, नोएडा में की गई एफआईआर और हाईकोर्ट के आदेश के हवाले से ब्यूरो की विधिक अधिकारिता को चुनौती दी। रायपुर कोर्ट के अधिवक्ता फैजल रिजवी भी साथ थे। दोनों ने ब्यूरो के अफसरों और वकीलों से लंबी बहस की। कोर्ट में पूरी कार्रवाई को गैर कानूनी बताते हुए अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अनवर ढेबर को 8 अप्रैल की रिमांड पर ब्यूरो को सौंप दिया।

शराब घोटाला केस में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें अनवर ढेबर के अलावा AP त्रिपाठी, अरविंद सिंह, नीतेश पुरोहित और त्रिलोक सिंह ढिल्लन शामिल हैं। सभी को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। कारोबारी ढेबर को पिछले साल जुलाई में हाईकोर्ट ने मेडिकल ग्राउंड पर जमानत दी थी। अनवर के बाद नीतेश पुरोहित और त्रिलोक सिंह को अंतरिम जमानत मिली थी। ईडी की तरफ से गिरफ्तार किए गए पांच लोगों में सिर्फ एपी त्रिपाठी और अरविंद सिंह ही जेल में थे। फरवरी में त्रिपाठी को जमानत मिली तो अरविंद सिंह की तरफ से जमानत याचिका हाईकोर्ट में लगाई गई। वहां सुनवाई के बाद उन्हें जमानत मिली और बुधवार को जेल से बाहर निकले, लेकिन फौरन ही EOW ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

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क्या है एफआईआर का पूरा मामला?

ईडी की रिपोर्ट पर ईओडब्ल्यू की तरफ से एफआईआर की गई है। ईडी को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर कार्रवाई से रोका हुआ है। ईडी की रिपोर्ट पर ही नोएडा पुलिस ने भी एफआईआर की हुई है। उस एफआईआर में भी सुप्रीम कोर्ट ने दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने को कहा। अब ईडी ने उसी शराब घोटाले में EOW में एफआईआर कराई है, जिस पर वह पहले ही नाेएडा में एफआईआर दर्ज करा चुकी है। बचाव पक्ष की तरफ से EOW की इस एफआईआर पर हाईकोर्ट में एफआईआर खारिज करने की याचिका दायर की गई है। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ब्यूरो को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाए।

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