रायपुर। राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने को लेकर बहुत से दावे रायपुर पुलिस की तरफ से किए जाते हैं। नो पार्किंग में गाड़ियों को खड़ा करना हो या फिर सड़क पर सिग्नल जंप जैसे मामले। सभी में पुलिस चालानी कार्रवाई करती है। ई-चालान तक बनाया जाता है, लेकिन इन दिनों ट्रैफि पुलिस का चालान वसूली का नया तरीका पता चला है। ट्रैफिक नियम तोड़ने पर ट्रैफिक पुलिस का स्टाफ पूरी चालानी कार्रवाई के बजाए अपना चालान वसूल रहा है। दरअसल नियम तोड़ने वालों पर चालानी कार्रवाई का टास्क पुलिस को दिया जाता है।

टारगेट पूरा होने तक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ईमानदारी से चालानी कार्रवाई करते हैं, लेकिन जैसे ही टारगेट पूरा हो जाता है तो फिर ईमान डगमगा जाता है। अगर इस दौरान कोई नियम तोड़ता है तो पुलिस एक हजार के चालान का सिर्फ 5 सौ रुपए मांगते हैं। कोई नगद दे दिया तो ठीक है, लेकिन अगर किसी को ऑनलाइन ट्रांसफर करना है तो पुलिस उसे अपने अकाउंट में न लेकर नजदीक के जनरल स्टोर के पेटीएम और फोन पे अकाउंट में ट्रांसफर कराती है।

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दरअसल, रायपुर के शारदा चौक ट्रैफिक सिग्गल के पास शहर के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर के साथ ऐसा ही कुछ हुआ है। वे मोबाइल पर बात करते हुए जा रहे थे। तभी पुलिस जवान ने उन्हें रोका। एक हजार रुपए का चालान काटना था, जिसके लिए डॉक्टर साहब तैयार थे। इस पर एक जवाने ने कहा कि डॉक्टर साहब 5 सौ दीजिए और बिना चालान कटाए चले जाइए। इस पर जब उन्होंने आनलाइन पेमेंट करने को कहा तो ट्रैफिक स्टाफ ने उन्हें नजदीक के एक जनरल स्टोर में भेज दिया और ऑनलाइन 5 सौ रुपए ट्रांसफर करा दिए। उस डॉक्टर ने बनऊ राम साहू जनरल स्टोर के अकाउंट में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया। उस डॉक्टर ने ऑनलाइन पेमेंट की ऑनलाइन पर्ची टीआरपी से शेयर की है। उन्होंने टीआरपी को बताया कि ऐसा कई लोगों के साथ हो रहा था। उन्होंने ऑनलाइन पेमेंट इसलिए किया ताकि पुलिस के कारनामों का साक्ष्य उनको मिल जाए और वे शिकायत कर सकें।

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