रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश में शिक्षकों के लगभग 78 हजार पद रिक्त हैं। इस संबंध में शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने 33 हजार शिक्षकों के भर्ती करने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक इसकी शुरुआत नहीं हुई। भर्ती शुरू करने को लेकर बृजमोहन अग्रवाल ने कोशिशें भी की, लेकिन भर्ती शुरू नहीं हो सकी। अब लोकसभा चुनाव की आचार संहिता खत्म हो चुकी है। ऐसे में जब बृजमोहन अग्रवाल से इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमारी भाजपा सरकार को प्रदेश के युवाओं की चिंता है। बतौर शिक्षा मंत्री मैं विधानसभा सत्र के दौरान की गई अपनी घोषणा पर कायम हूं। हमें छत्तीसगढ़ के युवाओं और उनके भविष्य की चिंता है। मुझे विश्वास है कि जल्द ही राज्य में 33 हजाए शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ होगी।

मार्च में वित्त विभाग को लिखा था पत्र, कहा – भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए, नौजवानों के भविष्य का सवाल है

जानकारी के अनुसार बृजमोहन अग्रवाल का वित्त विभाग को लिखी गई एक नोटशीट मिली है, जिसमें उन्होंने चुनाव से पहले भर्ती शुरू करने की बात कही थी, लेकिन तब भर्ती शुरू नहीं हो सकी। नोटशीट पर उन्होंने लिखा था कि 33 हजार शिक्षकों की भर्ती के अनुमति की नस्ती वित्त विभाग में लंबित है। शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया कई चरणों में किया जाना प्रस्तावित है। यदि इन भर्तियों के लिए अनुमति आचार संहिता के पहले दी जाती है तो छत्तीसगढ़ प्रदेश में युवाओं के भीतर एक नई चेतना एवं विश्वास की भावना जागृत होगी। साथ ही उन्होंने कहा था कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में शिक्षा कर्मियों की भर्ती स्कूल शिक्षा हेतु उपलब्ध बजट की सीमा में ही की जावेगी जिससे प्रदेश में कोई अतिरिक्त व्यय का भर नहीं होगा तथा वर्तमान वित्तीय वर्ष में भी किसी प्रकार का वित्तीय भार नहीं आएगा।