रायपुर। राजधानी के अनुपम गार्डन और एनआईटी के बीच सड़क से बुधवार को स्ट्रीट वेंडरों पर नगर निगम ने कार्रवाई की। वेंडरों ने आरोप लगाया कि सड़क पर दुकान लगाकर व्यापार करने वालों पर नगर निगम जोन 5 और 7 के अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ कार्रवाई की। वेंडरों को डरा-धमकाकर जबरदस्ती उनके ठेले को उठाया गया और जब्ती की कोई रसीद नहीं दी गई। रसीद मांगने पर विक्रेताओं को जेल भेजने की धमकी दी गई।

राष्ट्रीय हॉकर्स फेडरेशन के उपाध्यक्ष गौतम बंदोपाध्याय ने बताया कि स्ट्रीट वेंडरों के पास हाईकोर्ट का आदेश है और उनका केस कोर्ट में विचाराधीन है। साथ ही नगर निगम के पदाधिकारियों के साथ पथ विक्रेता कानून 2014 के तहत चर्चा भी लगातार जारी है। गणेशोत्सव के समय वेंडरों के साथ यह व्यवहार अमानवीय है और पथ विक्रेता कानून का उल्लंघन है, जिसका छत्तीसगढ़ हॉकर्स फेडरेशन और अन्य जनवादी संगठन ने निंदा की है। साथ ही नगर निगम से यह मांग की है कि जप्त सामानों को वापस किया जाए और सार्थक संवाद के माध्यम से इसका हल निकाला जाए।

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