टीआरपी डेस्क। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अब केवल 11 दिन बचे हैं और चुनावी हलचल तेज हो गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है, वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भी मैदान में उतर आया है। चुनाव से ठीक पहले, RSS ने अपने ‘सजग रहो’ अभियान के तहत 65 विशेष संगठनों की एक टीम बनाई है, जो हिंदुओं को एकजुट करने का काम कर रही है।

महायुति बनाम महाविकास अघाड़ी का मुकाबला

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ महायुति (भा.ज.पा., एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) और विपक्षी महाविकास अघाड़ी (कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना और शरद पवार की एनसीपी) के बीच सीधा मुकाबला है। इन दोनों गठबंधनों के प्रचार-प्रसार में जोर-शोर से काम चल रहा है, और अब RSS ने भी मैदान में उतरकर अपनी रणनीति को और तेज कर दिया है।

संघ का मिशन: हिंदुओं को एकजुट करना

RSS की ‘स्पेशल 65’ टीम का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को एकजुट करना और विभाजन की दीवारों को तोड़ना है। संघ का ‘एक हैं तो सेफ हैं’ अभियान इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। इस अभियान के तहत, संघ हिंदू समुदाय को एकजुट करने के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है। इसके अलावा, RSS के सहयोगी संगठन इस नारे के माध्यम से हिंदू समाज के भीतर जातिगत भेदभाव और मतभेदों को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।

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संघ का नारा: एक हैं तो सेफ हैं

RSS के सूत्रों के अनुसार, सजग रहो और ‘एक हैं तो सेफ हैं’ जैसे नारों का उद्देश्य किसी विशेष व्यक्ति या दल के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह हिंदू समाज को एकजुट करने और उसे मजबूत करने का प्रयास है। यह नारे समाज के भीतर एकता, अखंडता और समरसता को बढ़ावा देने के लिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इन नारों को लेकर व्यापक प्रचार शुरू किया है, ताकि हिंदू समाज में एकता बनी रहे।

सैकड़ों बैठकें, सशक्त अभियान

RSS के अनुसार, इस अभियान के तहत अब तक सैकड़ों बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, और इन बैठकों का फोकस महाराष्ट्र में हिंदुओं को एकजुट करना है। संघ के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि इस अभियान से महायुति गठबंधन को समर्थन मिल रहा है और इसे चुनावी प्रक्रिया में एक नई दिशा मिल सकती है।

बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण चुनावी मैदान

बीजेपी ने पिछले दो विधानसभा चुनावों में महाराष्ट्र में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरते हुए 2014 में 122 सीटें और 2019 में 105 सीटें जीती थीं। ऐसे में, RSS का यह अभियान महायुति को सत्ता में बनाए रखने के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है। बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 20 नवंबर को मतदान होगा और 23 नवंबर को परिणाम घोषित किए जाएंगे।

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