टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के मशहूर वैद्यराज पद्मश्री हेमचंद मांझी को एक बार फिर नक्सलियों की ओर से जान से मारने की धमकी मिली है। इससे पहले भी विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें धमकी दी गई थी, जिसके बाद सरकार ने उन्हें Y श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की थी। अब, दूसरी बार धमकी मिलने के बाद उनकी सुरक्षा पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।

पर्चा फेंककर दी गई चेतावनी

यह घटना नारायणपुर जिले के धोडाई थाना क्षेत्र की है। नक्सलियों ने कलीभाटा में पर्चा फेंककर वैद्यराज मांझी और छोटेडोंगर माइंस परिवहन संघ के अध्यक्ष समेत चार लोगों को जान से मारने की धमकी दी है। पर्चे में नक्सलियों ने लिखा है, पुलिस सुरक्षा में कब तक गांव से बाहर रहोगे।

पद्मश्री लौटाने का किया था ऐलान

पद्मश्री हेमचंद मांझी ने पिछले साल नक्सलियों की लगातार धमकियों के कारण अपना पद्मश्री पुरस्कार लौटाने की घोषणा की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि वह चिकित्सा सेवा बंद कर देंगे। नक्सलियों ने उन्हें आमदई खदान का दलाल बताते हुए बैनर-पोस्टर के जरिए उन्हें देश से बाहर भगाने की धमकी दी थी।

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भतीजे की निर्मम हत्या

इससे पहले नक्सलियों ने वैद्यराज मांझी के भतीजे कोमल मांझी की हत्या कर दी थी। नक्सलियों का आरोप है कि वैद्यराज आमदई माइंस में दलाली कर रहे हैं। इस वजह से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। फिलहाल पुलिस प्रशासन ने उन्हें जिला मुख्यालय के सेफ हाउस में सुरक्षा मुहैया कराई है।

सरकार और प्रशासन की चुनौती

नक्सलियों द्वारा बार-बार धमकियां और उनके पर्चे फेंके जाने से प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ गई है। राज्य सरकार द्वारा दी गई सुरक्षा के बावजूद पद्मश्री वैद्यराज मांझी और उनके परिवार को खतरा लगातार बना हुआ है। ऐसे में सरकार पर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और नक्सल प्रभाव को कम करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।