रायपुर। दो दिन पहले राजधानी के खम्हारडीह इलाके में हुई डकैती की वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। आशंका के मुताबिक परिवार से जुड़ा रिश्तेदार ही इस मामले का मास्टर माइंड निकला। बताया जा रहा है कि इस वारदात में शामिल लगभग दर्जन भर लोग पुलिस की गिरफ्त में आये हैं। पुलिस आज दोपहर 3 बजे इस मामले का खुलासा करेगी।

यह वारदात खम्हारडीह थाना क्षेत्र के अनुपम नगर में हुई, जहां 11 फरवरी को नकाबपोश 5 डकैत सफेद रंग की कार से वनोहरण वेणु के मकान में पहुंचे। इनमें से कुछ लोग सेना की वर्दी में थे। वहीं इनमें एक महिला भी शामिल थी। यहां डकैतों ने बहाने से बातचीत करते हुए वेल्लु और उनकी बहनों के ऊपर हमला कर दिया। इनमें से एक डकैत ने अपने पास रखी पिस्टल निकालकर जान से मारने की धमकी दी। डकैतों ने घर के सभी लोगों के हाथ पैर बांधकर उनके मुंह में टेप लगा दिया और फिर घर में रखे आलमारी को खंगाला तो उसमें लगभग 65 लाख नगदी और जेवरात मिले, जिसे लेकर डकैत निकल भागे। वारदात के बाद शोर सुनकर पड़ोसी घर के अंदर पहुंचे और बंधक बने लोगों की रस्सी खोलकर उन्हें छुड़ाया।

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डकैती के शिकार वनोहरण वेणु ने इस दौरान पुलिस को बताया कि कुछ दिनों पहले उन्होंने एक जमीन बेची थी। इसमें मिली नगदी, सोने के जेवर को वे घर पर ही रखे हुये थे। पीड़ितों ने पुलिस को बताया था कि आरोपी मिलिट्री ड्रेस में थे। तीनों आरोपी पहले घर में घुसे और खुद को लाल सलाम गैंग का बताकर दो बहनों व उनके भाई को गोली मारने की धमकी दी और बोले कि अगर हल्ला करेंगे तो वे लोग उनके घर को उड़ा देंगे। आरोपयों ने खुद को जंगल से आने की बात कही थी।

इस वारदात के बाद जैसा कि आशंका जताई जा रही थी, कि परिवार के लेनदेन की जानकारी रखने वाला शख्स डकैती में शामिल होगा। हुआ भी ऐसा ही। पुलिस ने इसी एंगल से जांच की और इनपुट के आधार पर संदेहियों को पकड़कर पूछताछ शुरू की। आखिरकार इस मामले का खुलासा हो गया और पुलिस ने 10 से 12 आरोपियों को धर दबोचा। इस मामले का खुलासा आईजी अमरेश मिश्रा आज दोपहर 3 बजे सिविल लाइन में करेंगे।

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