0 बीते वित्तीय वर्ष में लक्ष्य पूरा नहीं कर सका था आबकारी अमला…

रायपुर। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने सत्ता संभालने के बाद पहला वित्तीय वर्ष पूरा किया मगर इस दौरान आबकारी विभाग के जरिये शराब की बिक्री से आय का जो लक्ष्य रखा गया था, वह पूरा नहीं हो सका, बावजूद इसके सरकार ने इस बार पिछली बार हुई आय से लगभग ढाई सौ करोड़ रूपये अधिक का लक्ष्य तय किया है और इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कवायद भी शुरू कर दी है।

पिछली बार कम करना पड़ा था लक्ष्य

छत्तीसगढ़ में शराब का व्यवसाय सरकार के अधीन ही किया जाता है और यह नीति पिछली बार डॉ रमन सिंह की सरकार के लागू की गई थी। इस बीच कांग्रेस की भूपेश बघेल की सरकार आयी और साल-दर-साल बढ़ा हुआ लक्ष्य पूरा होता चला गया। मगर भूपेश सरकार के कार्यकाल के आखिरी दौर में ED का अटैक हुआ और शराब की बिक्री में कथित तौर पर करोड़ों का घोटाला उजागर किया गया। इस मामले में आज भी जांच और कार्यवाही आज भी चल रही है और तब के आबकारी मंत्री कवासी लखमा और इससे जुड़े बड़े अफसर और कारोबारी जेल की हवा खा रहे हैं।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने सत्ता संभालते ही नया बजट तैयार किया। इस दौरान आबकारी विभाग को प्रदेश में शराब की बिक्री से 11,000 करोड़ रूपये की आय का लक्ष्य दिया गया। हालांकि वित्तीय वर्ष 2023-24 के खत्म होने के करीब जब विभाग को यह अहसास हुआ कि लक्ष्य पूरा कर पाना असंभव होगा, इसलिए लक्ष्य को कम करते हुए 10 हजार 500 करोड़ रूपये कर दिया गया। हालांकि यह लक्ष्य भी पूरा नहीं हो सका और आबकारी विभाग को इस वित्तीय वर्ष में कुल शराब की बिक्री से 10 हजार 150 करोड़ रूपये की आय हो सकी। बताया जा रहा है कि शराब की अधिक कीमतों और अवैध शराब की बड़े पैमाने पर बिक्री के चलते विभाग की आय में कमी आयी थी।

सरकार ने 25 फीसदी बढ़ाया लक्ष्य

विष्णुदेव साय की सरकार ने नए वित्तीय वर्ष 2025-26 में आबकारी विभाग को शराब की बिक्री से 12 हजार 500 करोड़ की आय का लक्ष्य सौंपा है। यह पिछली बार हुई आय से लगभग 25 फीसदी ज्यादा है।

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आय बढ़ाने के लिए इस तरह की कवायद

भाजपा की सरकार ने नए वित्तीय वर्ष में शराब से आय बढ़ाने के लक्ष्य के साथ ही इसकी बिक्री बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत परदेश भर में शराब की दुकानें बढ़ाई जा रही हैं, वहीं अब से देशी शराब की दुकानों में ही प्रीमियम शराब की बिक्री भी शुरू की जा रही है। इसके अलावा सरकार ने शराब की कीमतों में भी कटौती कर दी है। उधर बाहर के राज्यों की जो शराब अवैध रूप से छत्तीसगढ़ में लेकर खपाई जा रही थी उस पर भी रोक लगाने के लिए पुलिस बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर रही है। उम्मीद की जा रही है कि इस तरह के प्रयासों से शराब की बिक्री बढ़ेगी और सरकर को आय होगी।