चेन्नई। तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) और केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गठबंधन की घोषणा की है। दोनों पार्टियां राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) के नेतृत्व में एकजुट होकर 2026 में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उतरेंगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को चेन्नई में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस गठबंधन की आधिकारिक घोषणा की। बता दें कि इन दोनों दलों के बीच पहले भी गठबंधन रहा है।

अमित शाह ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि AIADMK और BJP के नेताओं ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि 2026 का तमिलनाडु विधानसभा चुनाव AIADMK, BJP और उनके सहयोगी दल मिलकर लड़ेंगे। शाह ने स्पष्ट किया कि सीट बंटवारे और सरकार बनने की स्थिति में मंत्रालयों के आवंटन पर बाद में निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु में EPS के नेतृत्व में यह चुनाव लड़ा जाएगा।

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पुराने गठबंधन और जयललिता की याद

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह के साथ एक ओर EPS और दूसरी ओर BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई मौजूद थे। शाह ने कहा, “जरूरत पड़ने पर हम एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम तैयार करेंगे।” उन्होंने 1998 के लोकसभा चुनाव में BJP और AIADMK के गठबंधन की ऐतिहासिक जीत को भी याद किया, जब पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के नेतृत्व में दोनों दलों ने तमिलनाडु की 39 लोकसभा सीटों में से 30 पर कब्जा किया था।

शाह ने विश्वास जताया कि 2026 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) तमिलनाडु में आसानी से जीत हासिल करेगा। गठबंधन के कार्य करने के तरीके पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि BJP, AIADMK के आंतरिक मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी। शाह ने यह भी आरोप लगाया कि तमिलनाडु में सत्तारूढ़ DMK वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सनातन धर्म और तीन भाषा नीति जैसे मुद्दों को उछाल रही है।

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