रायपुर। राजधानी में पुलिस ने टिकरापारा से 10 अवैध बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है। केंद्र की मंजूरी के बाद अब 16 से 20 जुलाई के बीच इन्हें पश्चिम बंगाल होते हुए असम ले जाकर BSF को सौंपकर बंग्लादेश वापिस भेज दिया जाएगा।
रायपुर पुलिस तेजी से अभियान चलाकर दूसरे देश से आए घुसपैठियों को उनके देश वापस भेजने में लगी है। जिनमें फर्जी दस्तावेजों के आधार पर यहां रह रहे लोग भी शामिल हैं। इन 10 गिरफ्तार आरोपियों में से कई पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपियों को फिलहाल कोर्ट के फैसले तक हिरासत में रखा गंया है, फिर उन्हें बांग्लादेश वापिस भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
क्या है अभियान का मकसद ?
रायपुर पुलिस के इस अभियान का मकसद केवल अवैध प्रवासियों को रोकना ही नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर चल रहे जांच-तफ्तीश अभियान को और मजबूत करना भी है। रायपुर के अलावा दुर्ग, राजनांदगांव और रायगढ़ जिलों में भी ऐसे अभियानों की तैयारी की जा रही है, वहां से भी घुसपैठियों को गिरफ्तार कर सीमा पार भेजा जाएगा।

सरकार ने जारी की हेल्पलाइन
छत्तीसगढ़ सरकार पिछले महीनों से अवैध इमिग्रेशन की जांच और प्रवर्तन गतिविधियों में तेजी ला रही है। राज्य के हर जिले में विशेष टास्क फोर्स (STF) बनाई जा रही है और नागरिकों को संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करने के लिए हेल्पलाइन जारी की गई है। इस अभियान के तहत, फर्जी दस्तावेज बनाने वाले और सहायता करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और समाजिक शांति पर फोकस
कुछ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और समाजिक शांति बनाए रखने के लिए जरूरी था। वहीं विपक्ष और मानवाधिकार संगठनों का तर्क है कि सरकार को ऐसे फैसलों में पारदर्शिता बरतनी चाहिए ताकि निर्दोष लोगों कोई परेशान न हो।
छत्तीसगढ़ की यह कार्रवाई बताती है कि स्थानीय प्रशासन सीमाओं के अंदर से लेकर बाहर तक अवैध निवासियों को नियंत्रित करने की दिशा में गंभीर है।



