रायपुर। राजधानी रायपुर में डिजिटल अरेस्ट का बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक निजी कंपनी की रिटायर्ड महिला जीएम के साथ दिल्ली साइबर पुलिस का अधिकारी बनकर ठगों ने करीब 2 करोड़ 83 लाख 65 हजार रुपये की साइबर ठगी कर ली।

महिला को इस तरह दिया झांसा

दरअसल सफायर ग्रीन कॉलोनी आमासिवनी की रहने वाली सोनिया हंसपाल को 21 मई 2025 को अनजान नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को एसबीआई कस्टमर केयर का अधिकारी बताया और महिला को कहा गया कि उसके क्रेडिट कार्ड से बकाया भुगतान बाकी है। इसके बाद एक अन्य नंबर से महिला को वीडियो कॉल किया गया जिसमें ‘Delhi Cyber Wing’ लिखा हुआ था।

कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को दिल्ली पुलिस का अफसर बताया और महिला को धमकी दी कि उसके आधार से कई फर्जी बैंक खाते खुले हैं और उसका नाम मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल है।

दो महीने तक किस्तों में ट्रांसफर कराये रूपये

पीड़ित महिला निक्को कंपनी की रिटायर जनरल मैनेजर हैं। ठग ने महिला को जमकर डराया-धमकाया। महिला जब डर गई तो उसने महिला से 2 महीने के भीतर कई किस्तों में रुपए ट्रांसफर करवा लिए। नीलम (बदला हुआ नाम) ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।

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पीड़िता ने बताया कि वह आमासिवनी विधानसभा इलाके में रहती है। 21 मई की सुबह 11 बजे वह घर पर थी, तभी उनके नंबर पर फोन आया। सामने वाले ने खुद को SBI कस्टमर केयर बताया। उसने कहा कि आपके क्रेडिट कार्ड का अमाउंट बचा हुआ है, उसे पेमेंट कर दीजिएगा।

वॉट्सऐप पर दिल्ली साइबर विंग लिखा था

पीड़िता ने बताया कि इसके बाद ठग ने कहा कि उनका कॉल दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर कर रहे हैं। करीब 15 मिनट बाद महिला के पास वॉट्सऐप पर वीडियो कॉल आया, जिसमें दिल्ली साइबर विंग लिखा हुआ था। सामने एक युवक पुलिस की वर्दी पहने बैठा था, उसने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया।

हालांकि फिर उसका कैमरा ऑफ हो गया। उसने महिला के दूसरे फोन नंबर में वॉयस कॉल किया। पहले नंबर में महिला वीडियो कॉल से जुड़ी हुई थी। ठग महिला से प्रॉपर्टी और घर परिवार की पर्सनल जानकारी मांगने लगा।

इस तरह लिया झांसे में

ठग ने महिला से कहा कि उसके आधार कार्ड से कई बैंक अकाउंट खुले हैं, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग की गई है। उसने महिला को झांसे में लेते हुए कहा कि आपको कुछ पैसे आरटीजीएस (RTGS) के जरिए ट्रांसफर करने होंगे, जिसे भारतीय रिजर्व बैंक से वेरिफाई करवा कर रकम वापस कर दी जाएगी।

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इस दौरान महिला ठग की बातों में आ गई और डर के मारे उसके कहे अनुसार काम करने लगी। महिला ने 23 मई को अपने मोवा स्थित बैंक से ठग के बताए अकाउंट में 6 लाख 15 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद ठगों ने जून और जुलाई में भी महिला को जान से मारने और फर्जी मामलों में फंसाने जैसे धमकी देकर कई बार पैसे ट्रांसफर करवा लिए।

एक ही दिन में कराया 90 लाख ट्रांजेक्शन

महिला ने ठगों को 13 जून को 25 लाख रुपए, 17 जून को 21 लाख रुपए, 18 जून को 90 लाख रुपए, 21 जून को 40 लाख रुपए मोवा के बैंक के खाते से भेजा। इसके बाद 25 जून को 35 लाख रुपए, 1 जुलाई को 22 लाख रुपए भेजे गए।

इसके बाद 3 जुलाई को 50 हजार रुपए 7 जुलाई को 1 लाख रुपए, 10 जुलाई को 3 लाख रुपए भेजा गया। करीब 2 महीनों के बाद महिला ने जब उनसे अपने 2 करोड़ 83 लाख 65 हजार रुपए वापस मांगे, तो उन्होंने बातचीत बंद कर दी।

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वॉट्सऐप पर मैसेज कर बोला-फ्रॉड हो गया

इसके बाद महिला ने अपने पैसे वापस मांगने के लिए बार-बार संपर्क करने की कोशिश की, तभी ठग ने उन्हें वॉट्सऐप पर मैसेज किया कि उनके साथ फ्रॉड हो गया है। तब महिला को इस बात की जानकारी हुई कि उसे डिजिटल अरेस्ट किया गया था।

पीड़ित महिला ने विधानसभा थाने में इसकी शिकायत दर्ज करवाई है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि महिला के करीब 38 लाख रुपए होल्ड करवाए गए हैं।

कमाई के सारे रूपये गवांए

महिला प्राइवेट कंपनी में जनरल मैनेजर के पोस्ट से रिटायर हुई है। उनके पति की मौत हो चुकी है। वह विधानसभा इलाके में अपनी मौसी के साथ रहती है। महिला की नौकरी में कमाए सारे पैसे ठगों ने ऐंठ लिए। पुलिस रकम वसूलने के लिए इस्तेमाल किए गए खातों की जांच में जुट गई है।