टीआरपी डेस्क। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब तक 22 बार भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम का श्रेय खुद को दे चुके हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार भी सार्वजनिक रूप से इसका खंडन नहीं किया।

क्या है पूरा मामला?

जयराम रमेश ने मंगलवार को X (ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा कि पिछले 65 दिनों में ट्रंप ने 22 बार यह दावा दोहराया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को उन्होंने ही रोका। रमेश का कहना है कि ट्रंप की यह बात सिर्फ बेबुनियाद नहीं है, बल्कि भारत की संप्रभुता पर भी सीधा सवाल है और ऐसे में प्रधानमंत्री की चुप्पी हैरान करने वाली है।

ट्रंप ने क्या कहा?

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में नाटो महासचिव मार्क रूट के साथ बातचीत में फिर दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालात बेहद खतरनाक हो गए थे। उन्होंने कहा, दोनों देश लगभग एक हफ्ते में परमाणु युद्ध की तरफ बढ़ रहे थे। हमने उन्हें बातचीत की टेबल पर लाकर मामला सुलझवाया। मैंने साफ कहा कि जब तक आप मामला नहीं सुलझाते, व्यापार पर बात नहीं होगी।

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जयराम रमेश का तीखा सवाल

कांग्रेस नेता ने याद दिलाया कि ट्रंप ने 8 जुलाई को भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यही दावा किया था, और तब भी प्रधानमंत्री मोदी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। रमेश ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ट्रंप की बातों को नजरअंदाज कर रही है, जबकि इससे भारत की विदेश नीति और स्वाभिमान दोनों पर असर पड़ता है।

विदेश मंत्रालय का जवाब

हालांकि भारत के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के दावे को खारिज कर दिया है। मंत्रालय ने कहा कि, जम्मू-कश्मीर से जुड़ा हर मसला भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मामला है। इसमें किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं है। पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले इलाकों को खाली कराना अभी भी भारत की प्राथमिकता है।

मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि संघर्ष विराम के बाद भारत और अमेरिका के बीच कोई व्यापारिक बातचीत नहीं हुई, जैसा कि ट्रंप दावा कर रहे हैं। बता दें कि यहविवाद पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। भारत ने इसके जवाब में 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर चलाया और पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा, लेकिन 10 मई को संघर्ष विराम का ऐलान कर दिया गया।

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