रायपुर। कलिंगा विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय ने 16 जुलाई 2025 को “छात्रों और शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण” पर एक अतिथि व्याख्यान का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह कार्यक्रम शिक्षा संकाय की डीन डॉ. श्रद्धा वर्मा और शिक्षा संकाय की सहायक प्रोफेसर डॉ. सरोज नैयर के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिन्होंने सत्र की योजना बनाने और समन्वय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

व्याख्यान में चंदूलाल चंद्राकर महाविद्यालय, धमधा और नवीन महाविद्यालय, पेंड्रावन की प्राचार्य प्रो. उषा किरण अग्रवाल, सम्मानित संसाधन व्यक्ति के रूप में उपस्थित थीं। एक प्रसिद्ध शिक्षाविद् और मानसिक स्वास्थ्य अधिवक्ता, प्रो. अग्रवाल ने छात्रों और शिक्षकों के सामने आने वाली मनोवैज्ञानिक चुनौतियों और शैक्षणिक वातावरण में भावनात्मक लचीलापन और कल्याण को बढ़ावा देने के महत्व पर अपनी गहरी अंतर्दृष्टि साझा की। विभिन्न कॉलेजों के प्रतिभागियों – जिनमें छात्र और संकाय सदस्य दोनों शामिल थे – ने उत्साह के साथ सत्र में भाग लिया। प्रोफेसर अग्रवाल के संबोधन में तनाव प्रबंधन, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, सचेतन अभ्यास और संस्थागत मानसिक स्वास्थ्य सहायता जैसे प्रमुख पहलुओं को शामिल किया गया।

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व्याख्यान में खुले संवाद और आत्मचिंतन को प्रोत्साहित किया गया, जिसका सभी उपस्थित लोगों पर गहरा प्रभाव पड़ा। इस सत्र को जानकारीपूर्ण, संवादात्मक और अत्यंत समृद्ध बताया गया और इसकी प्रासंगिकता तथा व्यावहारिक दृष्टिकोण की खूब प्रशंसा हुई। उपस्थित लोगों ने इस विषय पर विचारपूर्ण और सार्थक ढंग से चर्चा करने के अवसर की सराहना की।

इस सत्र को जानकारीपूर्ण, संवादात्मक और अत्यंत समृद्ध बताया गया और इसकी प्रासंगिकता तथा व्यावहारिक दृष्टिकोण की खूब प्रशंसा हुई। उपस्थित लोगों ने इस विषय पर विचारपूर्ण और सार्थक ढंग से चर्चा करने के अवसर की सराहना की। शिक्षा में मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के आयोजन में उनके समर्पित प्रयासों के लिए डीन डॉ. श्रद्धा वर्मा और डॉ. सरोज नैयर की विशेष सराहना की गयी।