CG News: बीस साल की सेवा के बाद छत्तीसगढ़ विधानसभा के 7 मार्शल बर्खास्त,सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आदेश जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को सदन में सदन में धान खरीदी को लेकर तीखी बहस हुई। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक भूपेश बघेल ने सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि धान केंद्रों से उठा लिया गया है, तो अब धान है कहां? उन्होंने पूछा कि कुल कितनी नीलामी हुई और एफसीआई व नान को कितना स्टॉक मिला है? छत्तीसगढ़ कन्वेंशन सेंटर

इस पर कृषि मंत्री दयालदास बघेल ने जवाब देते हुए कहा कि बालोद विधानसभा क्षेत्र में इस साल कुल 2,25,000 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी। इसमें से 1,79,700 मीट्रिक टन धान राइस मिलर्स को भेजा गया और केवल 51,691 मीट्रिक टन धान ही अब तक संग्रहण केंद्रों में है।

भूपेश बघेल ने कहा कि जब मिलर्स को 1,59,000 मीट्रिक टन धान दे दिया गया और संग्रहण केंद्रों में 51,000 मीट्रिक टन धान है, तो फिर सरकार ने बाकी स्टॉक का क्या किया?

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मंत्री ने कहा कि लगभग 1,000 मीट्रिक टन धान खरीदी केंद्र में पड़ा है जबकि बाकी का स्टॉक पहले से ही निर्धारित केंद्रों को भेजा जा चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “सभी प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता से नियमों के तहत की गई है।

109 ध्यानाकर्षण से भरेगा सदन का माहौल

आज सदन में कुल 109 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनमें विभिन्न विभागों और जनहित के मुद्दे उठाए जाएंगे। खासकर तेंदूपत्ता संग्रहण , जल संकट, ग्रामीण सड़कें और किसानों की समस्याओं जैसे मुद्दों पर विधायक ध्यान आकर्षित करेंगे।

बोरे-बासी और उर्वरक पर उठेगा सवाल

विधायक राजेश मूणत आज सदन में “बोरे-बासी कार्यक्रम” में हुई कथित अनियमितताओं का मामला उठाएंगे। वहीं, वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर और धर्मजीत सिंह रसायनिक उर्वरकों की गुणवत्ता और वितरण पर सवाल उठाएंगे।

15 विधेयकों पर होगी सुनवाई

आज के सत्र में कुल 15 शासकीय विधि विषयक कार्य सूचीबद्ध हैं, जिन पर चर्चा के बाद मतदान कराया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मंत्री ओपी चौधरी और लखन देवांगन कुछ विधेयकों का पुनःस्थापन भी करेंगे।

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आज दो अशासकीय संकल्प भी सदन में प्रस्तुत किए जाएंगे, जिन्हें विधायक अंबिका मरकाम और अजय चंद्राकर लेकर आएंगे। ये संकल्प मुख्यतः जनहित से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित होंगे।