0 बलि में शामिल 5 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

मुंगेली। मुंगेली जिले में अंधविश्वास में मासूम बच्ची का अपहरण कर बलि चढ़ाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपियों ने तंत्र क्रिया से खूब सारा पैसा पाने की लालच में बैगा के साथ मिलकर अपने ही परिवार की बच्ची को पहले अगवा करवाया। इसके बाद बच्ची की बलि देने के बाद उसकी लाश खेत में दफना दिया। अंधविश्वास में मासूम बच्ची की हत्या के इस सनसनीखेज वारदात में शामिल 5 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

परिजनों के साथ सो रही थी लाली

गौरतलब है कि मुंगेली जिला के लोरमी थाना क्षेत्र के कोसाबाड़ी गांव से एक बच्ची रहस्यमय ढंग से लापता हो गयी थी। यहां रहने वाली बच्ची की मां पुष्पा ने 12 अप्रैल को अपनी बेटी के गुमशुदा होने की शिकायत लोरमी थाना में दर्ज करवायी थी। शिकायत में उसने बताया कि उसकी सबसे छोटी बेटी महेश्वरी उर्फ लाली 11 अप्रैल को खाना खाकर परिजनों के साथ सोई थी। लेकिन रात में जब उसकी नींद खुली तो बच्ची अपने बिस्तर पर नहीं थी।

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घटना के बाद परिजनों ने आस-पास उसकी तलाश की मगर बच्ची की कोई जानकारी नहीं मिली। जिसके बाद बच्ची की मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित मां की शिकायत के बाद पुलिस ने भी मामले में छान-बीन की और बच्ची की पतासाजी करने की कोशिश की। लेकिन पुलिस के हाथ हाथ कुछ नहीं लगा।

शमशान के पास कंकाल बरामद किया पुलिस ने

पुलिस लापता बच्ची की तलाश कर रही थी, इसी बची 6 मई को एक पुलिस को गांव के शमशान से करीब 100 मीटर दूर खेत में एक मानव कंकाल का अवशेष पड़े होने की जानकारी मिली। विशेषज्ञों द्वारा जांच में पता चला कि खेत से बरामद कंकाल 5 से 6 साल छोटी उम्र के बच्ची की है। जिसके बाद पुलिस ने लापता बच्ची महेश्वरी के डीएनए और कंकाल के डीएनए की जांच कराई। जांच में स्पष्ट हो गया कि वह कंकाल लापता महेश्वरी की ही है।

तंत्र-मंत्र को लेकर बलि चढाने की दिशा में हुई जांच

बच्ची की हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की। इस दौरान बच्ची की बलि देने की बात भी सामने आयी। जिसके बाद पुलिस को अंदेशा था कि परिवार के ही किसी जानकार ने बच्ची का अपहरण करने के बाद उसकी हत्या कर दी है। पुलिस ने तफ्तीश शुरू की तो जांच में पता चला कि बच्ची का अपने पिता के चचेरे भाई के बेटे चिम्मन के घर काफी आना जाना था। साथ ही पुलिस की जांच में ये भी बात सामने आई कि उस क्षेत्र में जादू-टोना, तंत्र क्रिया की अनेक रीतियां प्रचलन में है। जिसके बाद पुलिस ने इसी शक के बिनाह पर इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने का प्रयास शुरू किया।

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पैसों के लालच में चचेरे भाई ने बलि की योजना बनाई

पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में पूछताछ के बाद बच्ची के चचेरे भाई चिम्मन और उसकी पत्नी ऋतू से पूछताछ शुरू की। पुलिस को शक था कि बच्ची के दोनों से काफी अच्छे संबंध थे। लिहाजा सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि चिम्मन ने पास के गांव डोगरिया में रहने वाले रामरतन निषाद से झाड़-फूंक बैगा का काम सीखा था। तंत्र-मंत्र से उन्होने मनचाहा पैसा पाने के लिए तांत्रिक क्रिया की। इसके लिए उन्हे बच्ची की बलि की जरूरत थी।

लिहाजा चिम्मन की पत्नी ऋतू ने बच्ची घर से उठाकर लाने के लिए नरेन्द्र मार्को को पैसे दिए थे। चिम्मन पूजा का सामान लेकर पहुंचा था। नरेन्द्र मार्को ने देर रात एक बजे लाली को लेकर उनके पास पहुंचा। जिसके बाद ऋतु ने लाली को झरन पूजा के लिए काला कपड़ा पहनाया। इसके बाद आरोपियों ने मिलकर तंत्र-मंत्र करने के बाद बच्ची की हत्या कर बलि चढ़ा कर पूजा अनुष्ठान पूरा किया। बच्ची की हत्या के बाद आरोपियों ने लाश को पास के ही एक खेत में दफना दिया गया।

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अंधविश्वास में बच्ची की हत्या के इस जुर्म में पुलिस ने मुख्य आरोपी चिम्मन गिरी गोस्वामी, उसकी पत्नी ऋतु गोस्वामी, नरेंद्र मार्को, आकाश मरावी और बैगा रामरतन निषाद को गिरफ्तार कर लिया है।