टीआरपी डेस्क। मथुरा में राज्य कर विभाग में तैनात डिप्टी कमिश्नर कमलेश कुमार पांडेय पर अधीनस्थ महिला अधिकारी ने यौन उत्पीड़न और अनैतिक व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। जांच में ये आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया गया और उन्हें संयुक्त आयुक्त, बांदा कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया है।

विशाखा समिति के 6 सदस्य भी निलंबित

शिकायत की जांच विशाखा (आंतरिक परिवाद) समिति को सौंपी गई थी। समिति पर आरोप हैं कि उन्होंने आरोपी अधिकारी को बचाने की कोशिश की और अपनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं किया। इसके चलते समिति के 6 सदस्यों को भी निलंबित किया गया है।

निलंबित सदस्य

  • कोमल छाबड़ा (सहायक आयुक्त, सचल दल इकाई-2, मथुरा)
  • प्रतिभा (उपायुक्त, विशेष अनुसंधान शाखा, मथुरा)
  • पूजा गौतम (सहायक आयुक्त, राज्य कर खंड-2, मथुरा)
  • संजीव कुमार (उपायुक्त, राज्य कर खंड-5, मथुरा)
  • सुनीता देवी (राज्य कर अधिकारी, खंड-3, मथुरा)
  • वीरेन्द्र कुमार (उपायुक्त, खंड-3, मथुरा)

मामले में जांच अधिकारी नियुक्त

इस मामले में राज्य कर विभाग द्वारा विशेष सचिव कृतिका ज्योत्सना को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे आरोपी अधिकारी और समिति सदस्यों के खिलाफ निष्पक्ष और विस्तृत जांच करेंगी ताकि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित प्रशासनिक कार्रवाई की जा सके।

See also  TRP BREAKING: राप्रसे के 14 अफसरों का ट्रांसफर, राज्य सरकार ने की बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, लिस्ट में देखें कौन-किधर गया

इस घटना ने महिला सुरक्षा, सरकारी कार्यस्थल पर नैतिक व्यवहार और विशाखा समिति जैसे संवेदनशील मामलों में प्रक्रियात्मक निष्पक्षता जैसे मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।