रायपुर। राजधानी रायपुर में आज (मंगलवार) संयुक्त ईसाई समाज ने शहर की सड़कों पर रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने चर्च और ईसाई समुदाय पर हो रहे हमलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ रही घटनाएं न सिर्फ समुदाय के अधिकारों का हनन कर रही हैं, बल्कि प्रदेश के सामाजिक सौहार्द को भी चुनौती दे रही हैं।

रैली में शामिल लोगों ने कहा कि चर्चों में तोड़फोड़, पास्टरों को धमकाने और बेबुनियाद धर्मांतरण के आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज करने जैसी घटनाएं अब आम होती जा रही हैं।

प्रदर्शनकारियों की एक प्रमुख मांग यह थी कि धर्मांतरण के नाम पर दर्ज सभी झूठे मुकदमों को वापस लिया जाए। साथ ही, उन तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए, जो चर्चों पर हमले कर रहे हैं या समुदाय को डराने की कोशिश कर रहे हैं। रैली का नेतृत्व कर रहे समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो विरोध की लहर पूरे प्रदेश में फैल सकती है।

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पास्टरों और समाज के अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने यह भी कहा कि भारतीय संविधान हर नागरिक को धर्म की स्वतंत्रता देता है, लेकिन हाल की घटनाएं इस अधिकार को कमजोर करती दिख रही हैं।