0 पुलिस ने किया खौफनाक साजिश का खुलासा
0 मास्टरमाइंड समेत 7 आरोपी पकड़ाए

खैरागढ़ में पार्सल बम साज़िश का खुलासा हुआ है। यहां एक स्पीकर के भीतर छिपाकर रखे गए 2 किलो आईईडी मामले में पुलिस ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दरअसल प्यार में पागल आशिक ने अपनी एक्स गर्लफ्रेंड की पति को मारने के लिए यह पार्सल बम बनाया। उसने यूट्यूब में ट्यूटोरियल देखकर होम थिएटर स्पीकर में जिलेटिन और डेटोनेटर फिट किया।

मिली जानकारी के मुताबिक, ​​​मास्टरमाइंड विनय वर्मा ITI का स्टूडेंट है। युवती के साथ उसका कुछ समय तक प्रेस-प्रसंग चला। बाद में लड़की ने ब्रेकअप कर लिया। इसी साल उसकी शादी गंडई के अफसार खान से शादी हो गई। जो कि पेशे से इलेक्ट्रिशियन है। वहीं प्यार में पागल आशिक ने उसके पति को मारने की साजिश रची और होम थिएटर स्पीकर में 2 किलो बारूद भरकर अफसार के एड्रेस पर भेज दिया।

इस तरह हुआ मामले का खुलासा?

दरअसल, 16 अगस्त को अफसार खान के पास एक पार्सल पहुंचा। बाहर से वह बिल्कुल नया होम थिएटर लग रहा था, लेकिन उसे उठाते ही अफसार को शक हुआ। स्पीकर असामान्य रूप से भारी था और पावर पिन टूटा हुआ दिख रहा था।

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इसके बाद उसने सावधानी से स्पीकर खोला, तो अंदर जिलेटिन की छड़ें और तारों से जुड़ा डेटोनेटर निकला। उसने फौरन इसकी सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके को सील कर दिया।

करंट के संपर्क में आते ही होता विस्फोट

पुलिस जांच में पता चला कि विस्फोटक को इस प्रकार तैयार किया गया था कि वह तब तक सक्रिय नहीं होता जब तक उसे बिजली के स्रोत से नहीं जोड़ा जाए। जैसे ही स्पीकर को प्लग-इन किया जाता, करंट डिटोनेटर तक पहुंचकर विस्फोट कर देता। इसमें जिलेटिन स्टिक मुख्य विस्फोटक के रूप में प्रयोग की गई थी, जिसे स्पीकर की वायरिंग से जोड़ा गया था। जांच में यह भी पता चला कि दंपती ने यह पार्सल ऑर्डर ही नहीं किया था।

पूछताछ के बाद पुलिस शक के आधार पर विनय वर्मा को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने जुर्म स्वीकार किया। आरोपी के बताए अनुसार पुलिस ने परमेंश्वर वर्मा (25), गोपाल वर्मा (22), घासीराम वर्मा (46), दिलीप धिमर (38), गोपाल खेलवार और (19) को गिरफ्तार किया।

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आरोपियों की क्या रही भूमिका..?

परमेंश्वर वर्मा – विस्फोटक खरीद के लिए नकद ₹6,000 मुहैया कराया।

विनय वर्मा – आईईडी तैयार कर पार्सल डिलीवर किया।

गोपाल वर्मा – डिलीवरी में सहयोग किया।

खिलेश वर्मा – फर्जी इंडिया पोस्ट का लोगो और पता तैयार किया।

घासीराम वर्मा – आपूर्तिकर्ताओं से जिलेटिन लाने का काम किया।

गोपाल सतनामी और दिलीप धिमर – अवैध विस्फोटक की आपूर्ति करते थे।

खदानों से अवैध रूप से लाया गया था बारूद

इनमें आईईडी तैयार करने वाला, फाइनेंसर, डिलीवरी में मददगार, सप्लायर और यहां तक कि फर्जी इंडिया पोस्ट लोगो बनाने वाला भी शामिल है। आरोपियों के ठिकानों से 60 जिलेटिन स्टिक और दो डेटोनेटर बरामद किए गए हैं। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस बम में इस्तेमाल जिलेटिन दुर्ग की पत्थर खदानों से अवैध रूप से लाया गया था।

इस मामले में SP लक्ष्य शर्मा ने बताया कि विनय, गोपाल वर्मा के साथ पार्सल लेकर आया था। मुख्य आरोपी से पूछताछ के बाद अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया है, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। साथ ही मामले की गहनता से जांच की जा रही है

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