रायपुर। बिहार वोटर लिस्ट मामले में मचे बवाल के बाद छत्तीसगढ़ में भी वोटर लिस्ट को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि BJP विधायकों के नाम दो विधानसभा क्षेत्रों की वोटर लिस्ट में दर्ज हैं। इनमें विधायक राजेश मूणत और संपत अग्रवाल शामिल हैं। मूणत का नाम रायपुर पश्चिम और रायपुर उत्तर दोनों विधानसभा क्षेत्रों की लिस्ट में है।
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने जानकारी दी कि बसना विधायक संपत अग्रवाल का नाम भी बसना और रायपुर दक्षिण, दोनों की वोटर लिस्ट में दर्ज है। संपत अग्रवाल के साथ उनके परिवार के लोगों के नाम भी दोनों विधानसभा क्षेत्रों में शामिल हैं। कांग्रेस नेता ने चुनाव में धांधली और वोट चोरी के आरोप लगाए।
उन्होंने आगे कहा कि दोनों विधायकों के पास डबल EPIC नंबर हैं। इतना ही नहीं, दोनों लिस्ट में दर्ज उम्र में भी काफी अंतर है। कुछ जगह फोटो नहीं हैं। करीब 18 सीटों पर गड़बड़ी की आशंका है। कांग्रेस ने इस मामले में जांच की मांग करते हुए दोनों विधायकों की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग भी की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में विकास उपाध्याय, कुलदीप जुनेजा और गिरीश दुबे मौजूद रहे।
कांग्रेस ने बताया कि राजेश मूणत के नाम पर दो EPIC नंबर हैं। रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के स्वामी आत्मानंद वार्ड की वोटर लिस्ट में EPIC नंबर NHU2317188 है, जबकि रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के इंदिरा वार्ड की लिस्ट में GDH0373019 दर्ज है। दोनों वोटर आईडी में उम्र भी अलग-अलग लिखी गई है।
इसी तरह, बसना से BJP विधायक संपत अग्रवाल का नाम भी दो विधानसभा क्षेत्रों में है। उनकी उम्र भी अलग-अलग दर्ज है। रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के भक्तमाता कर्मा वार्ड की मतदाता सूची के अनुसार उनका EPIC नंबर SLT1550227 है, जबकि बसना विधानसभा क्षेत्र के डॉ. अंबेडकर वार्ड की मतदाता सूची में WNI0236323 है।
कांग्रेस ने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच महज 4 प्रतिशत वोट का अंतर था। 90 में से करीब 5 सीटों पर भाजपा 5000 से भी कम वोटों से जीती। इनमें कांकेर में 16 वोट, अंबिकापुर 94 वोट, पत्थलगांव 255 वोट, पाली-तनाखार 714 वोट और भरतपुर-सोनहत में 4919 वोट से जीत मिली। कांग्रेस का कहना है कि 15 हजार से कम अंतर वाली कुल 18 सीटों पर गड़बड़ी की आशंका है।
कांग्रेस के नेताओं ने इस मामले में चुनाव आयोग में शिकायत की है। उनका आरोप है कि कोरबा में स्थानांतरित कलेक्टर, अधिकारी-कर्मचारी और उनके परिवारों के नाम अब भी लिस्ट में मौजूद हैं।



