टीआरपी डेस्क। बड़े विमानों को उड़ाने वाले कमर्शियल पायलट बेहद कुशल और प्रशिक्षित पेशेवर होते हैं। कठिन परीक्षण और जांच के बाद ही उन्हें कॉकपिट में उड़ान की अनुमति मिलती है। इसके बावजूद, अन्य लोगों की तरह पायलटों को भी उड़ान के दौरान अचानक बीमारी, चोट या गंभीर आपातस्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
यात्रियों के लिए ये स्थिति भले ही डरावना प्रतीत हो, लेकिन विमानन कंपनियों और पायलटों के पास ऐसे हालात से निपटने के लिए पहले से ही मानक प्रक्रियाएं मौजूद रहती हैं।
तुर्की एयरलाइंस की घटना
डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2024 में तुर्की एयरलाइंस के जेट विमान में उड़ान के दौरान 59 साल के पायलट इल्सेहिन पेहलिवान की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी। ये विमान सिएटल से इस्तांबुल जा रहा था और घटना के बाद इसे आपातकालीन रूप से न्यूयॉर्क में उतारना पड़ा।
एयरलाइंस की सावधानियां
स्काईवेस्ट एयरलाइंस के कप्तान एडम कोहेन के मुताबिक, कई विमानन कंपनियां हर उड़ान से पहले अपने पायलटों के स्वास्थ्य का आकलन करती हैं। यदि किसी पायलट को बीमारी, दवा का प्रभाव, तनाव, थकान, शराब सेवन या अस्वस्थता महसूस होती है, तो उन्हें उड़ान से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
आपात स्थिति में क्या होता है?
यदि उड़ान के दौरान पायलट अचानक बीमार हो जाएं या उनका निधन हो जाए, तो विमान का संचालन तत्काल सह-पायलट (को-पायलट) संभालता है। वह आपातस्थिति की घोषणा करते हुए मानक परिचालन प्रक्रियाओं का पालन करता है। प्रायः ऐसी परिस्थितियों में विमान की सुरक्षित इंमरजेंसी लैंडिंग कराई जाती है।
इस तरह, एयरलाइंस और पायलटों की पूर्व-तैयारियां यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं, ताकि अप्रत्याशित परिस्थितियों में भी विमानन संचालन सुरक्षित ढंग से जारी रह सके।



