टीआरपी डेस्क। Trump’s 50% tariff: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ लगाया है, जो कि आज से लागू हो गया है.. डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी द्वारा जारी नोटिस में इसका कारण भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदना बताया गया है. इससे पहले अमेरिका ने ब्राजील पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है. ट्रंप टैरिफ की वजह से भारतीय निर्यात पर असर पड़ेगा. जो कि 48 अरब डॉलर का है. वहीं, भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजारों में महंगे हो जाएंगे. जिसका असर भारत के 12 सेक्टर्स में देखने को मिलेगा. जैसे कि, कपड़ा, जूते, आभूषण और ऑटो पार्ट्स इसमें शामिल हैं.

इन सेक्टर्स से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि, ट्रंप ट्रैरिफ की वजह से भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भारी नुकसान पहुंच सकता है. जिसका इम्पेक्ट नौकरियों पर भी देखा जा सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि, अगर सरकार ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाया तो इन सेक्टर्स में 10 से 15 लाख के करीब नौकरियां जा सकती है. इसके अलावा, अतिरिक्त टैरिफ की वजह से हीरे और सोने के निर्यात में भारी गिरावट आएगी, जबकि चीन को बढ़त मिलेगी।

वहीं, भारत का 2.70 लाख टन बासमती चावल अमेरिका जाता है. लेकिन एक्स्ट्रा ट्रैरिफ ने बासमती चावल निर्यातकों की चिंता बढ़ा दी है. इधर, भारत अमेरिका को 10.3 अरब डॉलर का कपड़ा निर्यात करता है. ट्रैरिफ की वजह से अमेरिकी बाजार में भारतीय परिधान वियतनाम और बांग्लादेश के अपेक्षा महंगे हो जाएंगे. इसका फायदा भी इन देशों को मिलेगा. इसका असर भारत के टेक्सटाइल मार्केट पर पड़ने वाला है. जिससे टेक्सटाइल व्यापारी बेमुश्किल अपना उत्पाद बेच पाएंगे. तिरुपुर, नोएडा और सूरत के मैन्युफैक्चर्स ने उत्पादन रोक दिया है.

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मूडीज, नोमुरा और सिटीग्रुप के मुताबिक, देश की जीडीपी में अगले 12-18 महीनों में 0.2-1.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की जा सकती है, 55 फीसद एक्सपोर्ट प्रभावित हो सकता है. 6.5 फीसदी इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ रेट 6.5 फीसदी नीचे जा सकती है.

अमेरिकी टैरिफ की वजह से समुद्री खाद्य निर्यात पर बुरा असर पड़ सकता है। क्योंकि अमेरिकी बाजार भारत के समुद्री खाद्य निर्यात का लगभग 40% हिस्सा है. परिस्थितियों का आकलन करने के लिए बड़े स्तर पर चर्चा चल रही है, सूत्रों के मुताबिक, “सरकार में विचार-विमर्श जारी है, उद्योग जगत के साथ बैठके जारी है.

किन-किन सेक्टर्स पर पड़ेगा असर

Trump’s 50% tariff: टैरिफ का असर भारत के कपड़ा उद्योग पर पड़ेगा. बताया जाता है कि, टेक्सटाइल के एक्सपोर्ट का बड़ा हिस्सा अमेरिका पर निर्भर है. भारत के द्वारा 28 फीसदी टेक्सटाइल एक्सपोर्ट अमेरिका को होता है. 10.3 अरब डॉलर से ज्यादा इसकी कीमत है. नए टैरिफ का इम्पेक्ट इस सेक्टर पर पड़ेगा. भारतीय परिधान अमेरिका बाजार में महंगे हो जाएंगे. जिसका फायदा वियतनाम, इंडोनेशिया और बांग्लादेश जैसे देशों को मिलेगा. क्यों कि इन देशों में टैरिफ दर 20 फीसद से भी कम है. अमेरिकी टैरिफ का असर कपड़ा उद्योग से जुड़े कारागरों पर भी होगा. विशेषज्ञों की माने तो 1 लाख से ज्यादा नौकरियां झटके से जा सकती है.

  1. रत्न-आभूषण रत्न और आभूषण से जुड़े सेक्टर अमेरिका को हर साल 12 अरब डॉलर का एक्सपोर्ट करता है. गौर करे तो, रत्न और आभूषण से जुड़े उद्योग पर 10 फीसदी टैरिफ लगता है. अप्रैल में ही इसका ऐलान किया गया. इससे पहले तक यह ड्यूटी पॉलिश्ड हीरों पर शून्य, सोने और प्लैटिनम ज्वैलरी पर 5-7 प्रतिशत और चांदी की ज्वैलरी पर 5-13.5 फीसदी तक टैरिफ लगता था। नए टैरिफ के चलते रत्न-आभूषण से जुड़े सेक्टर्स को बड़े नुकसान की आशंका है।
  2. कृषि उत्पाद
    भारत फिलहाल अमेरिका को 5.6 अरब डॉलर से ज्यादा के कृषि उत्पाद एक्सपोर्ट करता है। उसके बड़े निर्यातों में से मरीन उत्पाद, मसाले, डेयरी उत्पाद, चावल, आयुष और हर्बल उत्पाद, खाद्य तेल, शक्कर और ताजा सब्जियां और फल एक्स्पोर्ट भी इसमें शामिल है। माना जा रहा है कि ट्रंप के टैरिफ का सबसे ज्यादा असर भारत की सीफूड इंडस्ट्री यानी मरीन उत्पादों पर पड़ेगा।
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इन सेक्टर्स को ट्रंप टैरिफ से मिली राहत

Trump’s 50% tariff: हालांकि, कुछ सेक्टरों को ट्रंप के टैरिफ से फिलहाल राहत मिली हुई है. जिसमें फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और पेट्रोलियम उत्पाद शामिल हैं, जो अमेरिका को भारत के कुल निर्यात का 30 प्रतिशत हैं और अब भी टैरिफ फ्री हैं. जबकि भारत के अधिकांश एक्सपोर्ट पर अब 50 प्रतिशत शुल्क लागू होगा, जिससे निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में काफी हद तक चुनौतियां बढ़ जाएंगी.

इन सामानों पर लागू 50 प्रतिशत टैरिफ

Trump’s 50% tariff: भारत के कपड़ों पर पहले 9 प्रतिशत टैरिफ लगता था, जो अब 50 प्रतिशत टैरिफ के बाद 59 प्रतिशत हो जाएगा. इसी तरह रेडीमेड कपड़ों पर 13.9 प्रतिशत टैरिफ लगता था, जो अब 63.9 प्रतिशत हो जाएगा. इस सेक्टर में भारत के सबसे ज्यादा साढ़े 4 करोड़ लोग काम करते हैं और ये लेबर इंटेंसिव सेक्टर है, जिससे 5 से 7 प्रतिशत कामगारों के रोज़गार पर इसका असर पड़ सकता है. तमिलनाडु के तिरुपुर, गुजरात के सूरत, पंजाब के लुधियाना और मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में कपड़ा फैक्ट्रियों पर इसका ज्यादा असर दिखाई देगा.

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भारत के पास क्या है विकल्प ?

  1. हाई टैरिफ की वजह से भारत को वहां निर्यात करना मुश्किल हो गया है, ऐसे में
    भारत यूरोप, दक्षिण-पूर्व एशिया, और अफ्रीका जैसे देशों से अपने निर्यात में इजाफा करते हुए भारत को व्यापार बढ़ाने की कोशिश होगी. इससे अमेरिका पर निर्भरता तो कम होगी ही, बल्कि टैरिफ के असर को भी कम करने में मदद मिलेगा.
  2. रूस लगातार भारत को भरोसा दिला रहा है कि भारतीय सामानों के लिए Russian Market खुला है, तो भारत रूस के साथ बातचीत आगे बढ़ा सकता है ताकि वैकल्पिक व्यापार व्यवस्थाएं (जैसे रुपये-रूबल पेमेंट सिस्टम को मजबूत करना) बनाई जाएं,
  3. अगर दोनों देशों के बीच आगे की बातचीत से कोई रास्ता नहीं निकलता है, तो फिर भारत भी पलटवार की स्थिति में आ सकता है और चुनिंदा अमेरिकी वस्तुओं (जैसे कृषि उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, या तकनीकी उपकरण) पर जवाबी टैरिफ लगा सकता है. इससे पहले भी भारत साल 2019 में अमेरिकी बादाम, सेब, और स्टील पर अतिरिक्त टैरिफ लगा चुका है.
  4. 50% Trump Tariff के भारत में पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के लिए एक बड़ा और राहत देते वाला विकल्प घरेलू उद्योगों को सब्सिडी देना भी साबित हो सकता है. अमेरिका टैरिफ से प्रभावित भारत अपने टेक्सटाइल, आईटी समेत अन्य घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी या प्रोत्साहन दे सकता है.