टीआरपी डेस्क। 32000 रुपए प्रति नग की दर से जग खरीदी के बाद बलौबाजार में नई खरीदी के लिए निकाला गया टेंडर विवादों के घेरे में आ गया है। जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस बार GeM Portal से वाटर प्यूरीफायर के लिए टेंडर निकाला है। इस टेंडर में कई ऐसी शर्तें जोड़ी गई हैं जिन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

टेंडर के अनुसार बोली लगाने वाले सप्लायर के पास पहले से उसी विभाग में 1.50 करोड़ रुपए की सप्लाई का पूर्व अनुभव होना चाहिए। विभाग द्वारा जारी निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि सप्लायर का कार्यालय विभागीय मुख्यालय से 100 किलोमीटर की सीमा के भीतर होना चाहिए।

हैरानी की बात यह है कि इसमें जिन कंपनियों का चयन हुआ है वो 100 किमी के दायरे से बाहर है। एक तरफ विभाग खुद ही नियम बनाता है और उन्हें तोड़ भी देता है। हालांकि शर्ते लगाना विभाग का अधिकार है मगर उसी विभाग के लिए ही मांगा गया अनुभव अपने आप में बड़ा सवाल है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि यह शर्तें भंडारक्रय नियम 2022 के खिलाफ हैं। आमतौर पर सरकारी खरीद के लिए साभी पात्र सप्लायर को भागीदारी का अवसर दिया जाता है ताकि प्रतिस्पर्धा बनी रहे और सरकार को वस्तुएं उचित दामों पर उपलब्ध हो सकें। लेकिन इस टेंडर की शर्तें एकबार फिर से कई सवाल खड़े कर रही है।

सूत्रों का कहना है कि इस तरह के प्रावधान जानबूझकर रखे जाते हैं ताकि केवल चुनिंदा सप्लायर ही पात्र बनें और उन्हें सीधा फायदा मिले। यही वजह है कि अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह टेंडर भी किसी खास ठेकेदार या सप्लायर को लाभ पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है?

जानकारों की मानें तो जेम पोर्ट से की जा रही मनमानी खरीदी पर रोक नहीं लगाई गई तो यह मामला आगे चलकर डीएमएफ (जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि) जैसे बड़े घोटाले का रूप ले सकता है।