टीआरपी डेस्क। MP Bungalow : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में इन दिनों एक मुद्दा गरमाया हुआ है, जनजातीय सांसद राधेश्याम राठिया को अब तक अपना सरकारी निवास (सांसद बंगला) नहीं मिला है, जबकि उन्हें सांसद बने 1 साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। यह मुद्दा अब केवल प्रशासनिक अनदेखी का नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक सम्मान से भी जुड़ चुका है।

मंत्री दफ्तर में तब्दील सांसद बंगला

बरसों से रायगढ़ में सांसद निवास के रूप में पहचाना जाने वाला भवन अब किसी और का दफ्तर बन चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह भवन अब राज्य के वित्त मंत्री, विधायक ओपी चौधरी का कार्यालय बन गया है, जबकि उनके अपने सांसद सरकारी बंगले के लिए भटकते नजर आ रहे हैं।

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रवि भगत के तीखे तेवर

भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने इस मुद्दे को लेकर अपनी ही पार्टी पर सवालों की बौछार कर दी है। सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणी करते हुए उन्होंने लिखा, “क्या आदिवासी सांसद को हक पाने के लिए नेताओं और अफसरों की एड़ियां घिसनी पड़ेंगी ? रायगढ़ का सांसद अब तक बिना बंगले के है, और उसका निवास अब मंत्री का दफ्तर बन गया है।” रवि भगत ने यह भी कहा कि “जनजातीय समाज सहता बहुत है लेकिन जब जवाब देता है, तो उसकी गूंज राजधानी तक जाती है।”

रवि भगत की टिप्पणी से भाजपा असहजता

MP Bungalow : इस मुद्दे पर रवि भगत के खुलकर बयान देने के बाद भाजपा के अंदर ही घमासान के संकेत मिल रहे हैं। रवि भगत को पहले भी पार्टी विरोधी बयानों को लेकर नोटिस जारी किया गया था, जिसके बाद भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष भी बदल दिया गया और अब रवि भगत के दोबारा अपने तेवर के साथ सामने आने से भाजपा में असहजता देखने को मिल रही है।

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